नूर मोहम्मद ,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

जिले के आकस्मिक दौरे पर पहुंचे पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जीपीएम जिले के कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में आगमन पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सामुदायिक पुलिसिंग, डायल-112 की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीजीपी ने प्रभावी गश्त बढ़ाने, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी रखने तथा तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया।समीक्षा के बाद उन्होंने निर्माणाधीन नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन एवं अत्याधुनिक पुलिस नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को अधिक त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं मिलेंगी।इसके पश्चात डीजीपी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं विवेचकों की विशेष बैठक लेकर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना, घटनास्थल संरक्षण, डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण तथा न्यायालयीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने थाना स्तर पर नियमित जनसुनवाई, बीट प्रणाली को सक्रिय रखने, ग्राम रक्षा समितियों और जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान डीजीपी ने हाल ही में चर्चित कोटमी लूटकांड का अल्प समय में सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि समन्वित टीमवर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान और पेशेवर पुलिसिंग के कारण इस गंभीर अपराध का सफल खुलासा संभव हो सका। उन्होंने दोहराया कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है और प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को ईमानदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान है।


