विकास नंद/ सर्वव्यापी
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिले के मैदानी अमले को पूरी तरह सतर्क रहने तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ तथा जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान सभी अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित विभागों का मैदानी अमला अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहे तथा नदी-नालों, पुराने पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा स्वास्थ्य विभाग को डायरिया एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाइयों, मेडिकल टीमों और स्वास्थ्य शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका उपचार एवं पोषण पुनर्वास कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि जिले के 227 आंगनबाड़ी केंद्रों को चिन्हित कर आगामी तीन माह में कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए बच्चों को गोद लेने की पहल भी की जाएगी।बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 2,832 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एल-1 स्तर पर 834 मामलों का निराकरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को पोर्टल पर नियमित लॉगिन कर लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने खरीफ सीजन में किसानों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसानों को आवश्यकतानुसार यूरिया एकमुश्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए तथा शेष खाद शासन के निर्देशानुसार वितरित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी सलाह देने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूरा कराने तथा प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, हरी खाद एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही धान के स्थान पर अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों एवं जर्जर शासकीय भवनों की आवश्यक मरम्मत कराने तथा जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।बैठक में ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली के शत-प्रतिशत पालन, राजस्व अभिलेखों के सतत नक्शा अद्यतन, सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


