विकास नंद/ सर्वव्यापी
प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रशिक्षण कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर सृष्टि चंद्राकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी (एनआईसी) देवेंद्र साहू, जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, यातायात पुलिस के डीएसपी, पुलिस अधिकारी, डीआरएम ई-डीएआर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य पात्र मामलों में पीड़ितों को समय पर राहत उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन, बीमा कंपनियों तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना की सूचना मिलने से लेकर उपचार, आवश्यक दस्तावेजों के संधारण, ऑनलाइन प्रविष्टि और दावा प्रक्रिया तक प्रत्येक चरण में निर्धारित समय-सीमा का पालन किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना विलंब राहत राशि मिल सके।प्रशिक्षण के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों, पात्रता, दावा प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, ऑनलाइन पोर्टल के संचालन तथा ई-डीएआर (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्स एक्सीडेंट रिपोर्ट) प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में पुलिस, अस्पताल, परिवहन विभाग, बीमा कंपनियों एवं अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।बैठक के अंत में सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय बनाए रखते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक जानकारी साझा करें तथा प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंदों को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से राहत का लाभ मिल सके।


