विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले के ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए “लक्ष्य महासमुंद” कार्यक्रम की शुरुआत की है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत रमेश नंदनवार के मार्गदर्शन में शुरू किए जा रहे इस अभियान के तहत शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय एवं सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को निजी कोचिंग संस्थानों जैसी गुणवत्तापूर्ण तैयारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस कार्यक्रम की विशेष निगरानी स्वयं कलेक्टर करेंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को समान अवसर प्रदान करना और संसाधनों की कमी के कारण उनका भविष्य प्रभावित न होने देना है।अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में प्रतिभा होने के बावजूद उचित मार्गदर्शन और महंगी कोचिंग की अनुपलब्धता के कारण वे नवोदय, सैनिक स्कूल और प्रयास जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाते। “लक्ष्य महासमुंद” इसी अंतर को समाप्त करने का प्रयास है, ताकि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की सफलता में बाधा न बने।जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा पांचवीं एवं आठवीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। उन्हें अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित एवं व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे प्रवेश परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकें।जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न के अनुरूप मानसिक योग्यता, गणित, भाषा एवं सामान्य ज्ञान की विशेष तैयारी कराई जाएगी। समय-समय पर मॉक टेस्ट भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी परीक्षा के वास्तविक वातावरण से परिचित हो सकें और उनका आत्मविश्वास बढ़े।”लक्ष्य महासमुंद” के तहत विशेष कोचिंग कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई से प्रारंभ होगा। इस पहल का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि बच्चों में रटने की प्रवृत्ति के बजाय समझने, विश्लेषण करने और तार्किक सोच विकसित करने की क्षमता का विकास करना भी है। जिला प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से जिले के हजारों नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।


