विकास नंद/सर्वव्यापी
महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों में गांजा परिवहन करने वाले दो तस्कर, गांजा मंगाने वाला मुख्य आरोपी तथा तस्करी में प्रयुक्त वाहन का मालिक शामिल है। यह कार्रवाई साइबर थाना की तकनीकी टीम के विश्लेषण, सटीक सूचना और समन्वित पुलिस कार्रवाई के आधार पर की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देशों के अनुरूप जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना कोमाखान के अपराध क्रमांक 74/26, धारा 20(बी)(II)(सी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस को चकमा देकर फरार हुए थे तस्कर
पुलिस के अनुसार 19 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा के बौद्ध क्षेत्र से एक सफेद रंग की मारुति डिजायर कार में गांजा लाया जा रहा है। कोमाखान पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार से कार भगाकर फरार हो गया। पुलिस ने मोटरसाइकिल से पीछा किया, जिसके बाद रेलवे क्रॉसिंग के समीप अंडरब्रिज के पास आरोपी कार छोड़कर भाग निकले।वाहन की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से 30 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये है, बरामद किया गया। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वाहन मालिक से खुली पूरी साजिश
जांच के दौरान वाहन के मालिक की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम जबलपुर रवाना हुई। वहां वाहन स्वामी दुर्गेश चक्रवर्ती को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर गांजा परिवहन करने वाले छोटू सिंह ठाकुर और राजेन्द्र राज चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे यह गांजा जबलपुर निवासी संदीप गुप्ता के लिए लेकर आए थे। इसके बाद पुलिस ने संदीप गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पहले ही जब्त हो चुकी है 23.22 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति इस प्रकरण में पुलिस पहले ही निम्नलिखित संपत्ति जब्त कर चुकी है—30 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग 15 लाख रुपये)5 मोबाइल फोन (कीमत 22,400 रुपये)तस्करी में प्रयुक्त मारुति डिजायर कार (कीमत लगभग 8 लाख रुपये)इस प्रकार मामले में अब तक 23 लाख 22 हजार 400 रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
महासमुंद पुलिस ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


