आठ साल से अधर में पेंड्रा बायपास, जिला प्रेस क्लब ने जनहित की मांग को लेकर कलम के माध्यम से संघर्ष का किया शंखनाद। - Sarvavyapi आठ साल से अधर में पेंड्रा बायपास, जिला प्रेस क्लब ने जनहित की मांग को लेकर कलम के माध्यम से संघर्ष का किया शंखनाद। - Sarvavyapi

आठ साल से अधर में पेंड्रा बायपास, जिला प्रेस क्लब ने जनहित की मांग को लेकर कलम के माध्यम से संघर्ष का किया शंखनाद।

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श्रीनिवास सुमेर / नूरमोह्हद खान / गौरेला पेंड्रा मरवाही / सर्वव्यापी

गौरेला- पेंड्रा बायपास निर्माण में लगातार हो रही देरी और शासन-प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अब जिला प्रेस क्लब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जनहित में निर्णायक पहल करने का फैसला किया है। गौरेला में आयोजित प्रेस क्लब की आवश्यक बैठक में पत्रकारों ने बायपास निर्माण को लेकर सरकार की उपेक्षापूर्ण कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस मुद्दे को अब पूरी मजबूती के साथ अपनी कलम के माध्यम से उठाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शीघ्र मुलाकात कर बायपास निर्माण के लिए तत्काल बजट आवंटित करने की मांग तथा स्थानीय प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक जनभावनाएं पहुंचाने के लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष असद सिद्दीकी ने कहा कि 24 सितंबर 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बायपास का शिलान्यास किया गया था, लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। करोड़ों रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना आज भी सरकारी फाइलों में कैद है, जबकि पेंड्रा शहर की संकरी सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में बनी हुई है।जिला प्रेस क्लब सचिव योगेंद्र नहरेल ने बताया कि वर्ष 2018 में लगभग 54.25 करोड़ रुपये की स्वीकृत इस परियोजना की लागत बढ़कर अब लगभग 105 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। भूमि अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक रूप से 10.58 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें लगभग 5 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जा चुका है। वहीं संशोधित प्रस्ताव में भूमि अधिग्रहण की लागत बढ़कर 54.71 करोड़ रुपये हो गई है। आठ वर्षों की देरी ने सरकारी खजाने पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल दिया, लेकिन निर्माण कार्य आज भी प्रारंभ नहीं हो सका है।जिला प्रेस क्लब उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने कहा कि इस परियोजना के लिए 286 किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई, लेकिन अधिकांश प्रभावित किसानों को आज तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिल पाया है। निर्माण कार्य शुरू न होने के कारण किसान अपनी भूमि पर न तो खेती कर पा रहे हैं और न ही उसका विक्रय कर सकते हैं। कई किसान बैंक ऋण के बोझ तले दब चुके हैं और उनके सामने वसूली की नौबत आ गई है।कोषाध्यक्ष ज्ञान शर्मा ने बताया कि बायपास नहीं बनने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-130 का पूरा भारी यातायात शहर के भीतर से होकर गुजर रहा है। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और घनी आबादी वाले बाजारों के बीच दिन-रात ट्रक और हाइवा दौड़ने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है तथा आम नागरिक भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।संयुक्त सचिव अजीत गहलोत ने कहा कि बायपास निर्माण में हो रही देरी के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जा रही है, लेकिन विगत आठ वर्षों में इस गंभीर मुद्दे को न तो अपेक्षित प्रभाव के साथ विधानसभा में उठाया गया और न ही परियोजना को गति मिल सकी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस विषय पर अब प्रेस क्लब के पत्रकार अपनी कलम के माध्यम से जनआंदोलन का स्वर बुलंद करेंगे, ताकि सरकार शीघ्र इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को शुरू करने के लिए बाध्य हो।बैठक में जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष असद सिद्दीकी, सचिव योगेंद्र नहरेल, उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय, कोषाध्यक्ष ज्ञान शर्मा, संयुक्त सचिव अजीत गहलोत सहित मुरारी रैदास, अमित तिवारी, उमेश अग्रवाल, संतोष नामदेव, गौरव जैन, तापस शर्मा, सुहैल आलम, वीरेंद्र पांडेय, तनवीर आलम, प्रयास कैवर्त, सूरज यादव, राकेश राजपूत सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।


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