जीपीएम के कलेक्टर संतोष बने स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, विजय दयाराम को मिली जिले की कमान। - Sarvavyapi जीपीएम के कलेक्टर संतोष बने स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, विजय दयाराम को मिली जिले की कमान। - Sarvavyapi

जीपीएम के कलेक्टर संतोष बने स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव, विजय दयाराम को मिली जिले की कमान।

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तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के कार्यों में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन (आईएएस, 2013 बैच) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्कूल शिक्षा विभाग में विशेष सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।उनके स्थान पर विजय दयाराम (आईएएस, 2015 बैच), जो अब तक संचालक तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उन्हें गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।शासन के आदेश में अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव भी किए गए हैं। हेमंत रमेश नंदनवार (आईएएस, 2020 बैच) को महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद से स्थानांतरित कर संचालक तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण बनाया गया है। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।इसी क्रम में सुमित अग्रवाल (आईएएस, 2021 बैच), जो वर्तमान में नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त हैं, उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद वर्तमान अतिरिक्त प्रभारधारी अधिकारी को उक्त अतिरिक्त दायित्व से मुक्त किया जाएगा।शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे नवगठित जिले में नए कलेक्टर की नियुक्ति को विकास कार्यों और प्रशासनिक गति के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।अब जिले में नए कलेक्टर विजय दयाराम के नेतृत्व में विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा शासन की प्राथमिकताओं को किस प्रकार गति मिलती है, इस पर लोगों की निगाहें रहेंगी। वहीं संतोष कुमार देवांगन को शिक्षा विभाग में मिली नई जिम्मेदारी से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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