एग्रीस्टैक से जुड़ेगा हर किसान, योजनाओं का लाभ होगा सीधे खाते में: कलेक्टर लंगेह। - Sarvavyapi एग्रीस्टैक से जुड़ेगा हर किसान, योजनाओं का लाभ होगा सीधे खाते में: कलेक्टर लंगेह। - Sarvavyapi

एग्रीस्टैक से जुड़ेगा हर किसान, योजनाओं का लाभ होगा सीधे खाते में: कलेक्टर लंगेह।

Share Now

विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिले में किसानों के शत-प्रतिशत एग्रीस्टैक पंजीयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों ने वर्चुअल माध्यम से एग्रीस्टैक बैकेटिंग का प्रशिक्षण दिया। वहीं एनआईसी कक्ष में नजूल पट्टाधृति अधिनियम-2023 के संबंध में भी विस्तृत प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर किसानों को पंजीयन के लिए प्रेरित किया जाए।प्रशिक्षकों ने बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा विकसित कृषि क्षेत्र का डिजिटल इकोसिस्टम है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी प्रदान की जाती है। यह आईडी किसान के आधार, बैंक खाते एवं भूमि अभिलेखों से जुड़ी होती है, जिससे किसान की पहचान और भूमि संबंधी जानकारी का डिजिटल सत्यापन आसानी से संभव हो जाता है।उन्होंने जानकारी दी कि एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज पर सब्सिडी सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा सकेगी। साथ ही किसानों को बार-बार खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि आवश्यक जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगी। इससे बैंकों को भी भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी सहजता से प्राप्त होगी और किसान क्रेडिट कार्ड तथा कृषि ऋण की प्रक्रिया अधिक सरल एवं तेज हो सकेगी।

प्रशिक्षकों ने किसानों से अपील की कि वे अपने खेत एवं पहचान का एग्रीस्टैक पंजीयन निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से जल्द से जल्द कराएं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!