बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल: केंद्रीय राज्य मंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले मुंगेली की जिला मुख्यालय सड़क बनी गड्ढों का जाल। - Sarvavyapi बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल: केंद्रीय राज्य मंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले मुंगेली की जिला मुख्यालय सड़क बनी गड्ढों का जाल। - Sarvavyapi

बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल: केंद्रीय राज्य मंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले मुंगेली की जिला मुख्यालय सड़क बनी गड्ढों का जाल।

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तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला मुख्यालय की सड़कों की बदहाली एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव से पट गईं। आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई तस्वीर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ है, जिससे यह अनुमान लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहाँ है और गड्ढा कहाँ। ऐसे हालात में दोपहिया, ऑटो और छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।विडंबना यह है कि यह वही मुंगेली जिला है, जो केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव का गृह जिला माना जाता है, जबकि यह क्षेत्र पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक पुन्नूलाल मोहले के विधानसभा क्षेत्र में भी आता है। ऐसे में स्थानीय नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि जब जिले का प्रतिनिधित्व सरकार के इतने प्रभावशाली जनप्रतिनिधि कर रहे हैं, तब भी जिला मुख्यालय की सड़कें इस स्थिति में क्यों हैं।बारिश ने सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सड़क पर डामर उखड़ चुका है और बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।जनता का कहना है कि सरकार विकास और बेहतर सड़क नेटवर्क के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। बारिश की पहली ही फुहार में सड़क की परत उखड़ जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हाल के दिनों में भी मुंगेली की सड़कों की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई है। �Facebook +1व्यापारियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों का कहना है कि जिला मुख्यालय की सड़कें यदि इस स्थिति में हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। लोगों ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग तत्काल क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच भी कराई जाए।मुंगेली की जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी तय होगी? क्या सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी, या फिर हर वर्ष बारिश के मौसम में जनता इसी तरह बदहाल सड़कों पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेगी?जनहित में नागरिकों ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री तथा स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर जिला मुख्यालय की सड़कों की स्थायी मरम्मत कराने और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।


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