बिलासपुर जंक्शन को मेगा रेलवे कोचिंग टर्मिनल हब बनाने की मांग तेज...बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र। - Sarvavyapi बिलासपुर जंक्शन को मेगा रेलवे कोचिंग टर्मिनल हब बनाने की मांग तेज...बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र। - Sarvavyapi

बिलासपुर जंक्शन को मेगा रेलवे कोचिंग टर्मिनल हब बनाने की मांग तेज…बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के प्रमुख मुख्यालय बिलासपुर को देश के महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग अब और मुखर हो गई है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बिलासपुर जंक्शन को रेलवे कोचिंग टर्मिनल क्षमता विस्तार योजना-2030 (Mega Terminal/Hub Plan) में शामिल किए जाने का अनुरोध किया है।25 जून 2026 को भेजे गए पत्र में विधायक ने उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ रेल यूजर्स के प्रतिनिधि अजय कुमार एवं उनकी टीम ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बिलासपुर जंक्शन को मेगा कोचिंग टर्मिनल एवं हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव को देखते हुए उन्होंने रेल मंत्री से सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।पत्र में कहा गया है कि बिलासपुर जंक्शन को रेलवे की कोचिंग टर्मिनल विस्तार योजना-2030 में शामिल किए जाने से न केवल क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रेल संचालन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे नई ट्रेनों के संचालन, ट्रेनों के रखरखाव, रेक प्रबंधन तथा भविष्य की यात्री आवश्यकताओं को पूरा करने में रेलवे को बड़ी सहायता मिलेगी।विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने पत्र में विश्वास व्यक्त किया है कि रेल मंत्रालय इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक विचार करेगा, जिससे बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों और क्षेत्रवासियों को लाभ मिलेगा।गौरतलब है कि बिलासपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय होने के बावजूद लंबे समय से रेलवे के बड़े बुनियादी ढांचा विस्तार की मांग करता रहा है। यदि इसे मेगा टर्मिनल/हब प्लान-2030 में स्थान मिलता है, तो यह परियोजना बिलासपुर को देश के प्रमुख रेलवे केंद्रों की श्रेणी में और अधिक सशक्त बना सकती है।अब क्षेत्रवासियों, रेल उपभोक्ता संगठनों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें रेल मंत्रालय के निर्णय पर टिकी हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो बिलासपुर की रेल अधोसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ सकता है।


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