सीएस ने ली छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक। - Sarvavyapi सीएस ने ली छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक। - Sarvavyapi

सीएस ने ली छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य श्रम संहिता नियमों संबंधी बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य श्रम संहिता नियमों की अधिसूचना की स्थिति, श्रम विभाग द्वारा केन्द्र का औद्योगिक संबंध (छत्तीसगढ़) नियम 2026 के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने श्रम विभाग के अधिकारियों को संहिता अंतर्गत राज्य नियम शीघ्र अधिसूचित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने संहिता के क्रियान्वयन हेतु विभागीय पोर्टल में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव विशेष रूप से मौजूद थे।बैठक में संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों के स्थान पर 4 श्रम संहिताओं क्रमशः मजदूरी संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता एवं उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता को लागू किए गए हैं। संहिताओं के प्रभावशील से नियोजकों केा विभिन्न श्रम अधिनियमों के अनुपालन के भार में कमी आएगी। उन्हें विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पृथक-पृथक पंजीयन, अनुज्ञप्ति, अभिलेखों के संधारण इत्यादि के स्थान पर एकल पंजीयन तथा कॉमन एवं एकल अनुज्ञप्ति तथा अभिलेखों के संधारण में सुविधा होगी।संहिताओं के अंतर्गत श्रमिकों को नियुक्ति पत्र दिया जाना अनिवार्य होगा तथा संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत सभी श्रेणी के श्रमिकों का न्युनतम वेतन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी औद्योगिक संस्थान में श्रमिकों को हड़ताल से कम से कम 14 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। ऐसे संस्थान जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत है ऐसे संस्थानों में शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य होगा। समिति में महिला कामगारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना होगा। इसी प्रकार तीन सौ या इससे अधिक कर्मचारी वाली इकाईयों को छटनी या यूनिट बंद करने से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी। ट्रेड यूनियनों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाएगा। गौरतलब है कि चार नए श्रम कोड एक अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किए जा चुके है। छत्तीसगढ़ में भी इसके अनुरूप नियम बनाकर औद्योगिक विवादों का डिजिटल माध्यम से निपटारा और कार्य स्थलों पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इससे उद्योगों और श्रमिकों को फायदा होगा।मुख्य सचिव ने 04 श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की स्थिति की श्रम विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। इस संबंध में श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने बताया कि मजदूरी संहिता एवं औद्योगिक संबंध संहिता के छत्तीसगढ़ नियम दावा आपत्ति निराकरण उपरांत अंतिम प्रकाशन हेतु विधि विभाग को परिमार्जन हेतु प्रेषित कर दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता एवं उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशाएं संहिता को दावा आपत्ति निराकरण उपरांत अंतिम प्रारूप तैयार किया जा चुका है। उप 4 संहिताओं के नियम शीघ्र ही अधिसूचित हो जाएंगे।


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