तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राजनांदगांव शहर कांग्रेस के पूर्व महामंत्री और पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से यह मांग कि है कि छ.ग. राज्य के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ रेल मार्ग पर रेल्वे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड़ जिसका लोकापर्ण लगभग 15 दिन पूर्व ही हुआ है और जिस तरह गुणवत्ताहीन निर्माण के चलते ग्राम मुसरा, बरगा, अलीवारा और धनगांव की रेल्वे ओवरब्रिज जिसकी लागत लगभग 22 से 26 करोड़ रूपयों की लागत से जो निर्माण कार्य मुंबई की विजय इंफ्रा ठेकेदार के द्वारा कार्य किया जा रहा था जिस पर पर्याप्त वॉटरिंग तथा निर्धारित मांगों के अनुरूप कंपैक्शन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिस पर संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर ए.के. मौर्य की गंभीर लापरवाही और ठेकेदार से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण को संरक्षण देने के चलते ? यह भ्रष्टाचार की तीनों ओवरब्रिज में जो दरारे इतनी बड़ी मात्रा में आना स्वमेव भ्रष्टाचार को प्रमाणित कर रहा है और जो ओवरब्रिज आम जनता की सुविधाओं के लिये जिस मानक के तहत् निर्माण होना था वह नही हुआ और दूसरी ओर राजनांदगांव जिले के जवाबदार सांसद संतोष पाण्डेय के द्वारा यह कहा जा रहा है कि घटिया निर्माण की शिकायत आने के बाद रेल मंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय कार्यवाही की मांग की है और डीआरएम से चर्चा कर जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित अधिकारी और कांट्रेक्टर के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिये है। जबकि सत्ताधारी देश के दबंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दूसरी पारी के सिनियर सांसद का इस तरह भ्रष्टाचारियों को बचाने हेतु जो पुरी महिमा मंडित रचना की जा रही है ? वह राजनांदगांव जिले की जनता के हित में नही है। जबकि एक दबंग सांसद और आर.एस.एस. से जुड़े होने का परिचय देना था कि जहां समाचार पत्रों में घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों इंजीनियर आदि की भ्रष्टाचार की जीती जागती दुकानदारी की गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की पूरे समाचार पत्रों सोशल मीडिया आदि में खुली फोटो छपी और उसे देखकर भी कड़ी कानूनी कार्यवाही का संदेश सांसद पाण्डेय के द्वारा क्यों नही दिया गया ? यह अपने आप में एक सोचनीय प्रश्न है जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है और राजनांदगांव जिले के सांसद संतोष पाण्डेय से चाहूंगा कि ओवरब्रिज के गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले ठेकेदार संबंधित अधिकारी आदि के खिलाफ एफ.आई.आर. कितने दिन में दर्ज होगी उसका खुलासा करें क्योंकि यह आम जनता से सीधे जुडा मामला है क्योंकि इस ओवरब्रिज में आवागमन में कोई बड़ी घटना घट जाती तो उसका जवाबदार कौन होता इस पर सांसद संतोष पाण्डेय को चिंतन करना चाहिये क्योंकि आपके द्वारा पूर्व में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निविदा लेने वाले 290 करोड़ की मानपुर मोहला सडक़ डामरीकरण के दुर्ग के ठेकेदार अमर बिल्डर्स प्रो. चतुर्भुज राठी के खिलाफ शिकायत आपके द्वारा सचिव लोक निर्माण विभाग छ.ग. शासन को की गई थी लेकिन एक सत्ताधारी सांसद के पत्र का वजन क्या होना चाहिये उसका अंदाजा आपकों नही है? और यदि सांसद का पावर क्या है उसका अंदाजा होता तो अभी तक अमर बिल्डर्स के खिलाफ कार्यवाही का खुलासा हो जाता लेकिन मामला कहीं न कहीं मोटा माल से संबंधित है? इसलिए कहीं यह रेल्वे ओवरब्रिज का मामला ठीक उसी तरह फाइलों में दफन न हो जाये। इसलिये ओस्तवाल ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मांग की है कि राजनांदगांव जिले के इन तीनों ओवरब्रिज में गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों इंजीनियर आदि के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच टीम केन्द्र सरकार से गठित करवाकर 30 दिन के अंदर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जाये और ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड (कालीसूची ) में डालते हुए 5 वर्ष के लिये छ.ग. राज्य में उनके संपूर्ण निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगाया जाये और ठेकेदार के राजनांदगांव जिले के तीनों ओवरब्रिज के भुगतान को रोकने का आदेश जारी करें क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जी का स्पष्ट आदेश है कि भ्रष्टाचारियों का कोई स्थान उनके पास नही है अब देखना यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री इस मामले में कितने गंभीर है इसकी सच्चाई राजनांदगांव जिले की जनता के सामने आ जायेगा।


