तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्र के प्रशासनिक भवन परिसर में कुछ विद्यार्थियों द्वारा दिनांक 08.07.2026 से विश्वविद्यालय प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना धरना, प्रदर्शन किया जा रहा है।विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासनिक भवन की सुरक्षा, शांति एवं सुव्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासनिक भवन के मुख्य प्रवेश द्वारों के चैनल गेट बंद किये है। साथ ही यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा अन्य आगंतुकों को आवश्यक शासकीय एवं प्रशासनिक कार्यों हेतु आवागमन में कोई बाधा न हो तथा उन्हें आवश्यकता अनुसार प्रवेश एवं निकास की अनुमति प्रदान की जा रही है।इस प्रकरण के संबंध में कुलानुशासक मंडल की बैठक दिनांक 09.07.2026 को सायं 06:30 बजे आयोजित की गई। बैठक में स्थिति की समीक्षा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिये गये निर्णय के आलोक में विश्वविद्यालय परिसर में शांति एवं अनुशासन बनाए रखने हेतु समस्त विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए सार्वजनिक सूचना सार्वजनिक सूचना क्रमांक 011/2018-19/सामान्य पत्राचार/16/1537, दिनांक 09.07.2026 जारी की गई तथा धरना/प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को वर्तमान में संचालित सत्रांत परीक्षाओं, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन, आगामी प्रवेश प्रक्रिया एवं अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के दृष्टिगत बिना अनुमति संचालित धरना, प्रदर्शन तत्काल समाप्त करने हेतु समझाइश दी गई।कुलानुशासक मंडल की बैठक के निर्णय के अनुपालन में संबंधित विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से चर्चा कर अधिष्ठाता, विद्यार्थी कल्याण एवं कुलानुशासक मंडल के सदस्यों द्वारा उन्हें यह अवगत कराया गया कि उनके द्वारा उठाए गए विषय जैसे कि फिल्म अध्ययन विभाग और स्त्री अध्ययन विभाग का क्षेत्रीय केन्द्र, प्रयागराज से वर्धा मुख्यालय में स्थानांतरण से संबंधित विषय विश्वविद्यालय के सक्षम वैधानिक निकायों, जैसे विद्या-परिषद एवं कार्य-परिषद, के अधिकार क्षेत्र से संबंधित हैं तथा उन पर नियमानुसार सक्षम निकायों द्वारा ही आगामी बैठकों में विचार एवं निर्णय किया जा सकेगा। विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को यह भी अवगत कराया कि सत्र 2022-23 के पीएच.डी. प्रवेश का साक्षात्कार स्थगन का प्रकरण उच्च न्यायालय, मुंबई की नागपुर खंडपीठ, नागपुर में याचिका क्रमांक-693/2025 के तहत विचाराधीन (sub-judice) है। सत्र 2023-24 और उसके बाद के लिये पीएच.डी. प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में विद्या-परिषद की आगामी दिनांक 27.07.2026 को आहूत बैठक में विचार किया जायेगा। फिर भी विद्यार्थियों/शोधार्थियों द्वारा धरना प्रदर्शन जारी रखा है। इसी दौरान दिनांक 10 जुलाई 2026 को प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मी मनोज श्रीनाथे के साथ श्री ब्रजेश सोनकर, विद्यार्थी (बी.ए. एल.एल.बी.) द्वारा कथित रूप से प्रवेश को लेकर छीनाझपटी की गई। इस घटना में सुरक्षा कर्मी मनोज श्रीनाथे के हाथ की एक उंगली में चोट आई है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है तथा प्रकरण के संबंध में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से अपील करता है कि वे परिसर में शांति, अनुशासन एवं सौहार्द बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचते हुए विश्वविद्यालय के नियमों एवं विधिसम्मत व्यवस्थाओं का पालन करें।


