मंत्रालय महानदी भवन की कैंटीन व्यवस्था पर उठने लगे सवाल, बढ़ी कीमतों और घटिया गुणवत्ता से कर्मचारियों में नाराजगी, अतिथियों को एक कप चाय के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार। - Sarvavyapi मंत्रालय महानदी भवन की कैंटीन व्यवस्था पर उठने लगे सवाल, बढ़ी कीमतों और घटिया गुणवत्ता से कर्मचारियों में नाराजगी, अतिथियों को एक कप चाय के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार। - Sarvavyapi

मंत्रालय महानदी भवन की कैंटीन व्यवस्था पर उठने लगे सवाल, बढ़ी कीमतों और घटिया गुणवत्ता से कर्मचारियों में नाराजगी, अतिथियों को एक कप चाय के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ शासन के प्रशासनिक केंद्र मंत्रालय महानदी भवन की कैंटीन व्यवस्था इन दिनों कर्मचारियों, अधिकारियों से मिलने आने वाले आगंतुकों तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन में नाश्ता और चाय-पानी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है, जबकि भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं बल्कि गिरावट महसूस की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।मंत्रालय में प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठन, पत्रकार और आम नागरिक विभिन्न विभागों के सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने पहुंचते हैं। ऐसे में आगंतुकों की सुविधा के लिए कैंटीन की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। किंतु कर्मचारियों का आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था उनकी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।बताया जाता है कि कई बार सचिवों अथवा वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने आए अतिथियों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस दौरान यदि वे कैंटीन से चाय या नाश्ता लेना चाहें तो उन्हें भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि व्यस्त समय में एक कप चाय तक समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे मंत्रालय की कार्यसंस्कृति और अतिथि सत्कार की छवि प्रभावित होती है।कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जब कीमतें बढ़ाई गई हैं तो उसके अनुरूप गुणवत्ता, स्वाद और सेवा में भी सुधार होना चाहिए था। लेकिन कई लोगों का आरोप है कि नाश्ते का स्वाद पहले की तुलना में कमजोर हो गया है और गुणवत्ता को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में बढ़ी हुई कीमतें कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं।मंत्रालय के कर्मचारियों का मानना है कि महानदी भवन प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाले लोगों के मन में सरकार की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की पहली छाप भी यहीं से बनती है। यदि कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधा ही संतोषजनक नहीं होगी तो इसका नकारात्मक संदेश भी जाएगा।कर्मचारियों ने शासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि कैंटीन की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, सेवा की गति तथा निर्धारित दरों की पारदर्शी जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे मंत्रालय में आने वाले अतिथियों एवं कर्मचारियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चाय, नाश्ता और भोजन उपलब्ध हो सके।यदि कर्मचारियों की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो निश्चित रूप से मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण संस्था में कैंटीन व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रदेशभर से आने वाले नागरिकों और अतिथियों के बीच भी शासन की सकारात्मक छवि मजबूत होगी।


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