जियाउद्दीन खान, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा अचानकमार क्षेत्र के दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों के त्वरित अनुपालन में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सोमवार को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) एवं क्रेडा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर वनांचल क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में कलेक्टर ने ग्रामवार समस्याओं का आकलन कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यक प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अचानकमार, शिवलखार, सुरही, बिंदावल, बोईरहा सहित अन्य दूरस्थ एवं पहुंचविहीन गांवों में बंद एवं खराब पड़े सौर संयंत्रों के सुधार, मरम्मत तथा पोटा केबिन स्थापना के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से 60 लाख रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराने पर सहमति प्रदान की। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से वनांचल क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था बेहतर होगी तथा ग्रामीणों को दैनिक जीवन में आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में कलेक्टर ने पटपरहा, कटामी, निवासखार, झिरिया, खपरीखुर्द (घाटापानी), कारीडोंगरी एवं कोशलीकला (मारा डबरी) में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 30 लाख रुपये से अधिक की लागत से ग्रेव्हल पैक ट्यूबवेल हैंडपंप स्थापित करने की भी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि सुदूर वनांचल में निवासरत ग्रामीणों तक बिजली, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अचानकमार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पहुंचे, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता कमल कंवर, क्रेडा विभाग के अधिकारी आलोक तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


