नूर मोहम्मद ,रायपुर (सर्वव्यापी)
छत्तीसगढ़ की बेटी अमिता श्रीवास ने जिस साहस, संघर्ष और संकल्प के दम पर दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) पर तिरंगा फहराया, उसी उपलब्धि को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे प्रदेश का गौरव बताते हुए उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निवास में हुई सौजन्य भेंट के दौरान साय ने अमिता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय भी उपस्थित रहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प अटूट हो, तो दुनिया की सबसे कठिन चुनौतियों को भी पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमिता श्रीवास ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा अवसरों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत हैं।जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली अमिता श्रीवास ने 22 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचा। उनकी यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए नई प्रेरणा है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी संदेश है जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि एवरेस्ट अभियान केवल शारीरिक क्षमता का नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, महीनों की कठिन तैयारी और जोखिमों से जूझने की परीक्षा भी होता है। ऐसे अभियान में सफलता हासिल करना किसी भी पर्वतारोही के जीवन की सर्वोच्च उपलब्धियों में गिना जाता है।प्रदेश में खेल और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में अमिता श्रीवास की उपलब्धि एक नई ऊर्जा लेकर आई है। अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और पर्वतारोहियों को अधिक अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराएगी, ताकि भविष्य में छत्तीसगढ़ की और बेटियाँ तथा युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।”एवरेस्ट की ऊँचाइयों तक पहुँची अमिता की उड़ान यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों और हौसले बुलंद, तो कोई भी शिखर दूर नहीं।”


