विकास नंद/ सर्वव्यापी
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के उप प्रबंध निदेशक गोवर्धन सिंह रावत ने गुरुवार को महासमुंद जिले का दौरा कर सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उनके साथ नाबार्ड छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, महाप्रबंधक शीतांशु शेखर, उप महाप्रबंधक ब्रजेन्द्र किशोर सामंतराय, उप महाप्रबंधक अजय थुटे तथा जिला विकास प्रबंधक प्रियब्रत साहू भी मौजूद रहे।दौरे की शुरुआत ग्राम भोरिंग स्थित नवगठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) के निरीक्षण से हुई। यहां गोवर्धन सिंह रावत ने समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए तुमगांव पैक्स से इसके पृथक्करण की प्रक्रिया को सुगमतापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (डीसीसीबी) रायपुर को पैक्स के कम्प्यूटरीकरण में हरसंभव सहयोग देने तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इसके बाद उन्होंने रायतुम पैक्स का भ्रमण किया, जहां कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से किसानों के ऋण संबंधी विवरणों की रियल टाइम एंट्री की व्यवस्था का अवलोकन किया। इस नवाचार की सराहना करते हुए उन्होंने कर्मचारियों से कम्प्यूटरीकरण में आने वाली चुनौतियों और विभिन्न पोर्टलों को अधिक सरल एवं उपयोगी बनाने पर चर्चा की। दोनों पैक्स परिसरों में उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान डीसीसीबी रायपुर के चंद्राकर एवं अविनाश शर्मा भी उपस्थित रहे।दौरे के अंतिम चरण में गोवर्धन सिंह रावत सिरपुर पहुंचे, जहां छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर में उन्होंने भाग लिया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक रहने का आह्वान किया तथा ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर, किसान क्रेडिट कार्ड और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़े ऋणों का वितरण किया।इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की सिरपुर शाखा के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष विनोद कुमार अरोरा सहित बैंक एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।नाबार्ड के इस दौरे को जिले में सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन तथा किसानों को सुलभ ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


