तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते राजीव गांधी जलाशय (खुड़िया बांध) पूरी तरह लबालब हो गया है। जलाशय के भरने के बाद अतिरिक्त पानी वेस्ट वियर (स्पिलवे) से लगभग दो फीट ऊपर बहते हुए मनियारी नदी में छोड़ा जा रहा है। तेज बहाव के साथ गिरते पानी का मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं पर्यटक इस प्राकृतिक नजारे का आनंद लेने खुड़िया जलाशय पहुंच रहे हैं। वहीं प्रशासन ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी, वेस्ट वियर तथा जल निकासी स्थल के आसपास नहीं जाने की अपील की है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार वर्षा होने के कारण जलाशय में पानी की आवक तेजी से बढ़ी। निर्धारित जलस्तर तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से वेस्ट वियर के माध्यम से छोड़ा जा रहा है। इससे मनियारी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए नदी किनारे के गांवों में मुनादी कराने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। खुड़िया जलाशय जिले की सिंचाई व्यवस्था का प्रमुख आधार माना जाता है। इससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है और आसपास के किसानों को खरीफ एवं रबी फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होता है। इस वर्ष मानसून की अच्छी बारिश के कारण जुलाई के मध्य में ही जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच गया है, जिसे किसानों के लिए बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है। जलाशय भरने से आने वाले महीनों में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल भंडारण सुनिश्चित हो गया है। वेस्ट वियर से तेज वेग के साथ गिरते पानी का दृश्य इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने पर्यटकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने, बैरिकेडिंग के बाहर न जाने, फिसलन वाले पत्थरों पर नहीं चढ़ने तथा सेल्फी लेने के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। इधर आसपास के गांवों में मनियारी नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य अब भी अधूरा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर अस्थायी आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में उन्हें इलाज, शिक्षा, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से निर्माणाधीन पुल का कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों को हर वर्ष बरसात में होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलेगी। फिलहाल लगातार बारिश और जलाशय से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा लोगों से सतर्कता बरतने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।


