पीएम कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र पर स्थानीय विधायक धरम लाल कौशिक का नाम नहीं… कुर्मी समाज आहत… क्या भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं… पढ़ें पूरी खबर।

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सरायपाली/ विकास नंद /सर्वव्यापी/

कल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर न्यायधानी बिलासपुर संभाग के बिल्हा विधानसभा में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन हो रहा है और इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ को करोड़ों की सौगात देंगे ,विकास परब कार्यक्रम की तारीख तय होते ही पूरी भाजपा सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जोर शोर से प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों में जुटें थे परंतु प्रोटोकॉल नियम के अनुसार स्थानीय भाजपा विधायक धरम लाल कौशिक का नाम कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में नहीं होने से पूरा कुर्मी समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। जहां एक ओर प्रदेश की साय सरकार को बिहार तिहार मनाना याद है ,वहीं छत्तीसगढ़ के इतने बड़े कुर्मी समाज को कैसे भूल सकतें हैं । जबकि बिल्हा विधानसभा में ही प्रधानमंत्री का कार्यक्रम है और वहीं के वरिष्ठ एवं दंबग विधायक धरम लाल कौशिक का नाम आमंत्रण पत्र में ना होना भाजपा के अंदर खाने सब कुछ ठीक नहीं होने का प्रमाण है। जानबूझकर किए गए ,इस उपेक्षा से कुर्मी समाज आहत और अपमानित महसूस कर रहा है । सूत्रों की माने तो समाज के प्रमुख पदाधिकारी इस चूक को गुटीय राजनीती का हिस्सा मान रहें हैं। एक तरफ भाजपा सबका साथ सबका विकास की बात करती है और अपने ही लोगों की उपेक्षा करने से भी नहीं चूकती है। छत्तीसगढ़िया वाद को बढ़ावा देने के बजाए छत्तीसगढ़िया लोगों की उपेक्षा करने में लगे हुई है।

गौरतलब है कि वहीं अन्य प्रदेशों में प्रधानमंत्री के समारोह में स्थानीय विधायक के साथ ही जिले के लगभग सभी विधायकों का नाम आमंत्रण पत्र में अंकित किए जाते हैं लेकिन यहां तो बिलासपुर के किसी भी विधायक का नाम भी नहीं लिखे गए हैं और मजे कि बात तो यह है कि इस पूरे मामले की खबर कुर्मी समाज को सर्वव्यापी में खबर प्रकाशित होने के बाद पता चला कि स्थानीय विधायक धरम लाल कौशिक का उपेक्षा किया गया है। वही सामाजिक सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को समाज के लोगों में खूब चर्चा हो रही है और भाजपा से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक नेता इस मामले पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहे हैं, आखिर क्यों..?विधायक धरम लाल कौशिक स्वयं प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास एवं प्रचार प्रसार में लगें हुए हैं परंतु उनकी उपेक्षा से सर्व कुर्मी समाज खुद को अपमानित महसूस कर रहा है । प्रोटोकॉल नियम का पालन किसके कहने पर तथा क्यों नहीं किया गया, इस पर भाजपा के पदाधिकारी एंव प्रशासनिक अधिकारियों का क्या जवाब आता है। यह देखना दिलचस्प होगा।


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