बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
पीएम मोदी कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में बिल्हा विधायक सहित बिलासपुर जिले के किसी भी विधायक का नाम नहीं छापना ये जन प्रतिनिधियो का अपमान है। उक्त बातें जिला कुर्मी समाज के अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा।

बिलासपुर जिला कुर्मी समाज के अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक ने कहा कि वह इस पूरे मामले पर कलेक्टर अवनीश शरण से बात करने पर कि कल का पीएम मोदी का कार्यक्रम सरकारी है या निजी तो बोले कि सरकारी तो मैं पूछा कि आमंत्रण पत्र में बिलासपुर जिले के सभी सम्मानित विधायकों का और विशेषकर जहां पर कार्यक्रम आयोजित है, वहां के विधायक धरम लाल कौशिक का नाम क्यों नहीं है तो कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से पूछना पड़ेगा वही से फायनल हुआ है। तो मैं फिर पूछा कि ये तो विधायकों का अपमान है ,जब 2 अक्टूबर 24 को पीएम मोदी सरगुजा जिला में आए थे तो उस कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र पर सरपंच, जनपद अध्यक्ष और विधायकों का नाम हो सकता है तो यहां पर क्यों नहीं है? आप लोग यहां के जन प्रतिनिधि यो का अपमान क्यों कर रहे है? तो इस पर कलेक्टर अवनीश शरण बोले कि कोई अपमान नहीं हो रहा है आप कार्ड पढ़े हैं? तो मैं बोला तभी तो पूछ रहा हूं महोदय जी। तब कलेक्टर बोले कि आप इस संबंध में एनटीपीसी के महाप्रबंधक से बात कीजिए वहीं आयोजक है ,मै उनका नंबर भेज देता हूं। मेरी भूमिका पीएम मोदी के कार्यक्रम में टेंट लगाने की ही है। फिर फोन काट दिए। छग प्रदेश कुर्मी समाज जिला बिलासपुर के अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक ,महासचिव डा गणेश कौशिक उपाध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कौशिक ,महिला जिलाध्यक्ष प्रीति पाटनवार शहर अध्यक्ष अनीता कश्यप ने कहा है कि पीएम मोदी के शासकीय कार्यक्रम में इस तरह से कुर्मी समाज के संरक्षक वरिष्ठ बिल्हा विधायक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का नाम नहीं छापना ये कुर्मी समाज का अपमान है। कुर्मी समाज जिला बिलासपुर इसकी कड़ी निंदा और कड़ा विरोध करता है। साथ ही देश के प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यक्रम में बिलासपुर जिले एवं लोकसभा क्षेत्र के सभी विधायकों का नाम नहीं होना सभी जन प्रतिनिधियो का घोर अपमान है। जब भोपाल मध्यप्रदेश के 15/11/2021के पीएम मोदी के कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में कई विधायकों का नाम छप सकता है तो बिल्हा बिलासपुर छग के कार्यक्रम में भी छप सकता था। इस तरह से ये जान बूझकर अपमान किया गया प्रतीत होता है।इस पर कार्यवाही होनी चाहिए।
कलेक्टर जैसे जिम्मेदार अधिकारी द्वारा यह कहा जाना कि किसी का कोई अपमान नहीं हुआ है, सब प्रधानमंत्री कार्यालय से तय हुआ है और आयोजक एनटीपीसी सीपत है। वहां महाप्रबंधक से बात कीजिए मेरी भूमिका सिर्फ पीएम मोदी जी के कार्यक्रम में टेंट लगाने की है। अत्यंत खेद जनक है। कलेक्टर से बात करने के बाद एनटीपीसी सीपत महाप्रबंधक से लैंड लाईन नंबर में बात करने पर फोन रिसीव नहीं किया गया।