बिलासपुर/तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर का एक बार फिर से लेटर सामने आया है। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने पत्र लिखकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हिमांशु गुप्ता की डीजी पद पर हुई पदोन्नति को नियमों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर डीजी के पद पर पदोन्नति प्राप्त की, जबकि उन्हें नियमानुसार पदोन्नति नहीं मिलनी चाहिए थी। मामले में कंवर ने संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।247 से 254 के अवलोकन से स्पष्ट है कि प्रविष्टि क्रमांक 251 पर हिमांशु गुप्ता का नाम सम्मिलित है ,छत्तीसगढ़ कैडर की सिविल लिस्ट 01.01.2023 के परिशिष्ट 3 संलग्न है उक्त दस्तावेजों से स्पष्ट है कि उक्त अधिकारी कैडर ट्रांसफर के अंतर्गत मध्यप्रदेश की भारतीय पुलिस सेवा की सूची में सम्मिलित हुआ है। इसलिए, डीओपीटी के नियम अनुसार वरिष्ठता कम में उनका शिवराम प्रसाद कल्लूरी के बाद दर्ज होना था।पत्र में पूर्व मंत्री कंवर ने यह भी लिखा है कि पदक्रम सूची में त्रुटिपूर्ण वरिष्ठता कम का इंद्राज डीओपीटी भारत सरकार के स्थापित नियमों के अंतर्गत अखिल भारतीय सेवा का जो अफसर कैडर ट्रांसफर के अंतर्गत किसी राज्य में स्थानांतरित होता है तो उसका नाम उस राज्य के पदक्रम सूची में वरिष्ठता कम में अपने बैच में अंतिम प्रविष्टि में रहेगा , अतः उपलब्ध रिक्तियां अनुसार नियमानुसार डीजी के पद पर पदोन्नति शिवराम प्रसाद कल्लूरी की होनी थी जो कि हिमांशु गुप्ता की हुई है।पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने अपने पत्र में लिखा है कि उक्त अधिकारी के द्वारा गृह विभाग के कुछ चुनिंदा अधिकारियों से मिलीभगत कर अनियमित पदोन्नति प्राप्त की है ,इनके द्वारा मिलीभगत कर संघ लोक सेवा आयोग दिल्ली को अपनी पदोन्नति संबंधित दिनांक पदोन्नति के संबंध में भी भ्रामक जानकारी भेजी गई है। ऐसे अधिकारी का बीजेपी की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित पैनल में चयनित होना छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिये दुर्भाग्यजनक होगा।पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि रिव्यु डीपीसी के अनुसार गुरजिंदर पाल सिंह की पदोन्नति दिनांक 02.07.2024 से (जिस पद को आरक्षित रखना चाहिए था) एवं दिनांक 05.02.2025 को रिक्त डीजीपी के पद पर नियुक्ती होनी थी ऐसा टीप रिव्यु डीपीसी के द्वारा दिया गया जिस पर वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी के हस्ताक्षर है , उसके विरूद्ध जाकर गृह विभाग के अवर सचिव मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य कर्मचारी अधिकारी के मिलीभगत से लोक सेवा आयोग नई दिल्ली को रिव्यु डीपीसी की टीप के विरूद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने चहेते अधिकारी को फायदा पहुंचाने की नियत से फर्जी जानकारी लोक सेवा आयोग नई दिल्ली को भेजी गई जो कि अत्यंत गंभीर व षड़यंत्रपूर्वक फर्जी जानकारी भेजने में संलिप्त अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए निर्देश देना चाहेंगे।