सरायपाली/ विकास नंद /सर्वव्यापी
महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष विश्वजीत बेहरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरायपाली अनुविभाग के अंतर्गत विभिन्न धान उपार्जन केन्द्रों में भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने के लिए साय सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि रिशेकेला,केना प्राथमिक कृषि साख समिति के धान उपार्जन केंद्र में गड़बड़ियों के कारण पुलिसिया कारवाही हेतु FIR किए गए!किंतु नून पानी के अमरकोट धान उपार्जन केंद्र भारी गड़बड़ी है,किंतु अभी तक FIR क्यों नहीं??सांय सरकार के सुशासन पखवाड़ा जिला प्रशासन के अगुवाई में मनाया जा रहा है!क्या यही है सुशासन?अमरकोट धान उपार्जन केंद्र के प्राधिकृत प्राधिकार की नियुक्ति जिला कलेक्टर ने किया है!जिसको नियुक्त किए गए है वो भाजपा संगठन के किसी सांगठनिक मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी है जिसके कारण कलेक्टर एक्शन नहीं लेना चाहते होंगे या प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से संबंधित नेता का खासम खास संबंध है और चौधरी जी IAS रहे है तो वर्तमान कलेक्टर से सीनियर है प्रभावशाली मंत्री है,शायद इन्हीं कारणों से एक्शन नहीं लिया जा रहा होगा!कारण जो भी हो कलेक्टर को और उप पंजीयक को जनता को बताना होगा!भाजपा नेताओं को बताना होगा!ये पक्षपात क्यों?क्या पक्षपात सांसद महोदया स्वजातीय होने का लाभ,या चाचा कभी सरायपाली के भाजपा विधायक रहे है उसका लाभ दिया जा कर पक्षपात किया जा रहा है!कारण या पक्षपात से विष्णुदेव सरकार के सुशासन के नारा को कठोर आघात है!अगर 15 दिवस के भीतर कार्यवाही नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी!प्रशासन ध्यान दे बहुत कृषक बीज निगम में पंजीयन किए है,जिस खसरा और रकबा का पंजीयन है दोहरा लाभ हेतु उसी खसरा रकबा का धान उपार्जन केंद्र में भी पंजीयन कर धान दोनों जगह दिया गया है!धान कहां से आया?क्या आज जो धान शॉर्टेज बताया गया है संदेह है वहीं धान बीज निगम में खपाया गया होगा!!जांच कर शासन को नुकसान से बचाया जा सकता है और दोहरा लाभ लेने का कुटरचना करने वालो के विरुद्ध कार्यवाही किए जा सकते है!किंतु अनुभव हीन जिला प्रशासन से उम्मीद करना टेड़ी खीर है!