रामनारायण यादव /करगीरोड/

(कोटा)गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के छात्रों ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरण घास के मैदान में हुए भीषण आतंकी हमले के विरोध में एकजुट होकर एक शांति यात्रा का आयोजन किया। इस हमले में 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे, और 12 लोग घायल हुए।यह हमला मंगलवार दोपहर लगभग 2:30 बजे हुआ, जब आतंकियों ने सैन्य वर्दी पहनकर पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद नजदीक से फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बैसरण, जो पहलगाम से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, केवल पैदल या टट्टू से ही पहुँचा जा सकता है।इस हृदयविदारक घटना के विरोध में छात्रों ने कैंडल मार्च और शांति यात्रा का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। छात्रों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियाँ लेकर मानवता और शांति का संदेश दिया।छात्र प्रतिनिधि मोहनीश कौशिक ने कहा:“हम इंसानियत के पक्ष में खड़े हैं। आतंक का कोई धर्म नहीं होता। इस अमानवीय घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है, और हम छात्रों की ओर से एकजुट होकर इसका विरोध करते हैं।”इस शांति यात्रा में विश्वविद्यालय के कई छात्र शामिल हुए, जिनमें मोहनीश कौशिक, कमल देवांगन, याशी जैन, शौर्य सिंह राणा, आकाश शर्मा, शौर्य सिंह ठाकुर, काव्यांश, सार्थक, विपिन, लोकेश, नितिन, प्रियांशु, भुवन, अंकित, साक्षी, मिताली, नेहल, वेदप्रकाश आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।छात्रों ने अंत में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे हमेशा मानवता और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में खड़े रहेंगे।