बिलासपुर/तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर संभाग मुख्यालय में कलेक्टर की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़िया माटी पुत्र संजय अग्रवाल को जिम्मेदारी दी गई है और सप्ताह भर पहले कलेक्टर की दायित्व संभालने वाले बिलासपुर संभाग के रायगढ़ जिले के खरसिया निवासी 2012 बैच के प्रमोटी आईएएस अफसर संजय अग्रवाल लगातार विभागीय समीक्षा बैठक लेने के साथ ही सरकार की सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर कामकाज कर रहे हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एक सप्ताह के भीतर ही जिले के अधिकांश विभागों की समीक्षा बैठक लेने के साथ ही नगर निगम, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभाग द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का जायजा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ आर्युर्विज्ञान संस्थान यानि कि सिम्स का निरीक्षण करते हुए न केवल सिम्स के जिम्मेदार चिकित्सकों से बल्कि मरीजों से चर्चा करते हुए सिम्स में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पर जोर दिए हैं। बताते चलें कि संजय अग्रवाल 16 साल पहले यहां पर एसडीएम के रुप में अपनी सेवाएं दिए थे और इनके एसडीएम कार्यकाल में सिम्स,जिला अस्पताल सहित अन्य भवनों का निर्माण इनके ही नेतृत्व में किया गया था। सहज, सरल मिलनसार और काम के प्रति हमेशा सजग रहने वाले वर्तमान कलेक्टर संजय अग्रवाल से बिलासपुर वासियों की काफी उम्मीदें हैं और खास कर बिलासपुर वासियों का कहना है कि संजय अग्रवाल छत्तीसगढ़िया माटी पुत्र हैं, जिससे हम अपनी बात और समास्याओं का सरलता से रख सकते हैं। निश्चित रूप से कलेक्टर संजय अग्रवाल के सिर्फ एक सप्ताह की कार्यप्रणाली को देखकर ऐसा लगता है कि आने वाले समय में कलेक्टर संजय अग्रवाल अपने गृह जिला रायगढ़ के संभागीय मुख्यालय बिलासपुर में कलेक्टर के रुप में एक नया इतिहास लिखते हैं तो छत्तीसगढ़ियों के लिए गर्व की बात होगी। वैसे कलेक्टर संजय अग्रवाल को बिलासपुर में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और एक आम व्यक्ति की तरह वह जनता की समास्याओं, मांगों को गंभीरता से लेते हैं तो निश्चित ही प्रशासन के यह एक नया अध्याय होगा क्योंकि आज बिना रिश्वत के बिलासपुर जिले के किसी भी विभाग में काम काज नहीं हो रहे हैं और फर्जीवाड़ा आसमान छू रही है। जहां एक ओर भूमाफिया राजस्व विभाग की मिली भगत से जमीनों की फर्जीवाड़ा कर रहे हैं तो वहीं लोगों , विद्यार्थियों को जाति, निवास, आमदानी प्रमाण पत्र बनाने में भी काफी परेशानी हो रही है,कई च्वाॅइस सेंटरों द्वारा फर्जी सील मुहर लगाकर जनता को मुर्ख बनाने का अभियान चल रही है। बहरहाल देखना यही है कि छत्तीसगढ़िया माटी पुत्र संजय अग्रवाल कलेक्टर के रुप में जनता की दिल कैसे जीतेंगे,यह आने वाले समय में पता चल जाएगा..!