सरायपाली /विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सुशासन तिहार के माध्यम से सीधे लोगों के पास पहुंच कर सरकार व उनके प्रतिनिधि आमजन की समस्याओं को निपटाने का सराहनीय प्रयास कर रहे है जिसके अंतर्गत स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी लगातार जिलों के दौरे पर लोगों से सीधा संवाद एवं अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की योजनाओं का फीडबैक लें रहें हैं इसी सुशासन के उद्देश्य को लेकर मुख्यमंत्री महासमुंद जिले भी पहुंचे थे जहां समस्त विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली जिसमें महासमुंद जिले में पदस्थ शिक्षा अधिकारी पर शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही, निष्क्रियता और खराब प्रदर्शन के लिए कार्यवाही कर ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर कड़ा संदेश देने का प्रयास किया परंतु क्या जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई करने मात्र से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव हो पाएगा यह प्रश्न खड़ा हो गया है। परीक्षा में मंशानुरूप परिणाम नहीं आने के लिए जिम्मेदार मानकर जिला शिक्षा अधिकारी को तो हटा दिया गया परंतु विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और लंबें समय से एक ही स्कूल में जमें हुए निष्क्रिय शिक्षकों पर कब होगी कार्रवाई। आज समय सीमा की बैठक में जिला कलेक्टर ने भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के लिए कड़ी चेतावनी दी है पर शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और गैर जिम्मेदार शिक्षकों पर कारवाई नहीं होनी चाहिए जहां ब्लाक स्तर पर प्राइवेट स्कूलों के बच्चें बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं वही शासकीय स्कूलों के बच्चें क्यों पिछड़ रहें हैं आखिर लंबें समय से एक ही जगह पर एक ही स्कूल में जमें हुए शिक्षकों के प्रदर्शन की समीक्षा कब करेंगे जिला दंडाधिकारी..?