आखिर कब होगी राजभाषा आयोग में नियुक्ति..?

Share Now

कबीरधाम/ चेतन साहू/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

वहीं किसी भी राज्य की पहचान उसकी भाषा और वेशभूषा, संस्कृति, परंपरा, रिती-रिवाज से होती है लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ के पूर्व सरकार के बड़ी ही शर्म की बात है कि डाक्टर रमन सरकार के समय उम्रदराज साहित्यकारों को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे,जो अपने साहित्य को बढ़ाने के स्वार्थ के कारण छत्तीसगढ़ी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं दिला पाए और भूपेश बघेल सरकार में इस आयोग में किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई। जिस पर सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष में रहते भूपेश बघेल सरकार को खूब घेरा था लेकिन खुद की भाजपा सरकार बनी तो अब इस आयोग में नियुक्ति नहीं कर पाई है और वही सूत्रों का दावा है कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग में इस बार फिर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के अनुसार ही अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी और मजे कि बात यह है कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग ने इस बार फिर ब्राम्हण समाज से ही उम्रदराज साहित्यकारों को नियुक्ति किए जाने की खूब चर्चा बनी हुई है। बहरहाल देखना है कि इस बार विष्णु देव साय की सरकार में छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने के लिए उम्रदराज या फिर युवा पीढ़ी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाती है…!


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!