बिलासपुर /तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय की सरकार को अभी भले ही डेढ़ साल सत्ता संभाले हुए हो लेकिन अपनी चुनावी वादों को जमीन पर लाने के लिए और जमीनी स्तर के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने डेढ़ साल के कार्यकाल की मूल्यांकन करने की सोच को लेकर कड़ी धूप में जनता की नब्ज टटोलने में लगे हुए हैं। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के टीम से उनके प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी दयानंद को सहज रुप से देखा जा सकता है लेकिन इस सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दोनों उप मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी कोई मंत्री कड़ी धूप में जनता से मिलते हुए दिखाई नहीं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने चुनावी घोषणाओं और अब तक किए गए कार्यों की मूल्यांकन करने की सोच को लेकर सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लाने के साथ ही जनता से सीधे मुलाकात कर उनकी समास्याओं, मांगों को पूर्ण करने की रणनीति के तहत सुशासन तिहार का आयोजन कर रही है और इस आयोजन में दलालों की नहीं बल्कि सीधे आम जनता की बातों को सुना जा रहा है और जनता की शिकायत पर ही उचित कार्रवाई की जा रही है।कहा जा रहा है कि आज किसी भी विभाग के उच्च अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है और राजस्व विभाग से लेकर तमाम सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, घोटाले खुले आम चल रही है लेकिन हकीकत तो यह है कि सुशासन तिहार आम जनता की समास्याओं मांगों पर केंद्रीत है और जनता की शिकायत पर ही किसी अफसर के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी पर ऐसा अवसर शायद न आए , क्यों कि आम जनता को दो वक्त की रोटी, रोजगार, राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, मिलने के साथ ही महतारी योजना से जनता संतृष्ट है। ऐसे में कोई बड़े घोटाले के खिलाफ आम जनता क्यों किसी को लेकर कोई भला कैसे शिकायत करेंगे। वहीं इस सुशासन तिहार में इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि इस तिहार में सीएम विष्णु देव साय और उनके प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी दयानंद और अन्य अधिकारी दिखाई तो देते हैं लेकिन छत्तीसगढ़ के अन्य मंत्री और विभागीय सचिव सब इस तिहार से गायब हैं।