पूर्व कांग्रेस पार्षद ने रमन से की यह मांग… पढ़े पूरी खबर।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र राजनांदगांव शहर के पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से शहर के विधायक डॉ. रमन सिंह जी से यह मांग की है कि राजनांदगांव जिले का प्रतिनिधित्व करते आपको लगभग 25 वर्ष होने आ रहा है लेकिन राजनांदगांव शहर की जनता को स्थायी सुविधाएं जो मिलनी चाहिए वह नही मिल रही है क्योंकि जिस तरह से राजनांदगांव में कुछ प्रशासनिक अधिकारी जिस तरह से कुछ जनप्रतिनिधियों पर पूरी तरह हावी है ? जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारी निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और शहर की आम जनता की मूलभूत सुविधाओं को भी गंभीरता से नही लेते इसके लिये आपको राजनांदगांव शहर में दौरा करके कड़े निर्णय लेने की जरूरत है नही तो जिस तरह से आप राजनांदगांव शहर के विकास के लिए पिछले 25 वर्षों में करोडों अरबों रूपयों की स्वीकृति दिला दिये है। लेकिन शहर की जनता को एक भी स्थायी सुविधा का लाभ नही मिल पा रहा है इस पर आपकों चिंतन करना चाहिए । लगभग चार सौ करोड़ रूपयों की मेडिकल कॉलेज अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुंकि और गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार प्राईवेट में पूरी तरह से लूट के शिकार बन रहे है। दो सौ दस करोड़ रूपयों की 24 घंटे अमृत मिशन योजना का पानी पूरी तरह फैल और आज शहर की जनता को पीने का पानी भी ले-देकर दो बाल्टी, चार बाल्टी नसीब हो रहा है। छ: करोड़ पच्चीस लाख का हाईटेक बस स्टैण्ड फैल , शहर में पार्किंग की स्थायी व्यवस्था फैल विद्युत विभाग की बिजली बंद और मेंटनेस के नाम पर खुले आम भ्रष्टाचार चरम पर है। दस करोड़ का ट्रांसपोर्ट नगर फैल। दस करोड़ की सडक़ डामरीकरण भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण की भेंट चढ़ रही और निगम आयुक्त विश्वकर्मा और कार्यपालन अभियंता रामटेके मदमस्त हाथी की तरह मस्ती में चल रहें है इन्हे कोई सांसद विधायक और महापौर एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का डर और भय नही है। उसके प्रमाण यह है कि जहां एक ओर राजनांदगांव जिले के कलेक्टर शहर की सफाई पानी आदि व्यवस्था को देखने के लिए लगातार वे महापौर आदि के साथ दौरा कर रहें है इससे निगम आयुक्त की पोल खुल रही है जो सफाई पानी आदि की व्यवस्था का दायित्व निगम आयुक्त का है लेकिन निगम आयुक्त फोटो छपाने में पूरी तरह मस्त है धरातल पर काम हो रहा या नही उससे उन्हे कोई लेना-देना नही है। वहीं राजनांदगांव का ऐतिहासिक दिग्विजय स्टेडियम 55 करोड़ रूपये खर्च होने के बाद भी फैल। म्युनिस्पल हाई स्कूल बच्चों के खेलने के मैदान को पूरी तरह बरबाद कर दिया गया इसी तरह और कई गंभीर मामले है लेकिन मेरा आपसे अनुरोध है कि इस गर्मी में जहा सुशासन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री निकल पड़े है उसी तरह आप राजनांदगांव शहर की इन मूलभूत बिन्दुओं पर गौर करने के लिए सडक़ पर उतरकर मौके का मुआयना करोगे तो विकास और भ्रष्टाचार आपके सामने दिख जायेगा और आप जो शहर विकास के लिए राशि उपलब्ध करा रहें है उसका सही उपयोग दिखेगा अन्यथा जिस तरह पहले की राशि भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण की भेंट चढ़ी और यह स्वीकृत राशि भी भ्रष्टाचार की भेंट चढऩे से कोई नही रोक सकता ? और इस भीषण गर्मी में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में जहा गरीब लोग बिना कु लर के रह रहें है उस अस्पताल का कल दौरा करके वस्तु स्थिति से अवगत हो जाये और इन संपूर्ण बिन्दुओं का स्थायी हल के लिए ठोस निर्णय लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही का बिगुल फूका जाना चाहिये।


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