बिलासपुर/ तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार जहां एक जीरो टॉलरेंस रणनीति के तहत सुशासन लाने में लगे हुए हैं तो उनके ही राज में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रहा है। जिससे लगता है कि अब विष्णु की सरकार भी पूर्व सरकार की तरह भ्रष्टाचार की इतिहास लिखना शुरू कर चुके हैं। जिनका उदाहरण महिला एवं बाल विकास विभाग है जहां पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर घटिया स्तर का सामग्री वितरण को लेकर भ्रष्टाचार की बू आ रही है और विभाग सिर्फ कार्रवाई की बात कह रही है लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में सामग्री अनाज कोठी, फर्नीचर, बर्तन, सैनिटरी पैड, वज़न मापने की मशीन समेत करोडों रूपए की लागत वाले प्रोडक्ट की सप्लाई की गई है। आंगनबाडी केन्द्रों में जब सामग्री पहुंची तो सहायिका और कार्यकर्ताओं ने घटिया स्तर के सामग्री को लेकर जमकर नाराजगी भी जताई है और अपने स्तर पर विभाग के जिम्मेदार अफसरों से लेकर कलेक्टर और राज्य सरकार तक शिकायत की है। जिसके बाद विभागीय मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कहीं और कई जिलों में इस शिकायत की जांच चल रही है लेकिन यह जांच जनता को दिखाने के लिए एक औपचारिकता के लिए निभाई जाने जैसा प्रतीत हो रहा है क्योंकि अब तक इस मामले पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे लगता है कि विभागीय मंत्री और अफसरों के शह पर आंगनबाड़ी केंद्रों में घटिया सामग्री वितरण करने के मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारी जांच रिपोर्ट भी नहीं सौंप रहे हैं और इस तरह से महिला एवं बाल विकास विभाग का यह भ्रष्टाचार ठंडे बस्ते में चला जाएगा,ऐसा हम नहीं बल्कि महिला एवं बाल विकास विभाग के ईमानदार अफसरों का दावा है। बहरहाल देखना है कि उक्त मामले कितने भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई की जाती है।