स्कूल शिक्षा विभाग में सात करोड़ के घोटाले पर अब तक नहीं हो पाई ठोस कार्रवाई।

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बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष चावरे और विभाग के अधिकारियों ने मिलकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है। राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत स्कूलों में सामान पहुंचाने के नाम पर सात करोड़ का खेला कर दिया है। आज से 9 साल पहले 2016 में कंप्यूटर और टीवी सप्लाई के नाम पर घोटाले को अंजाम दिया था। सात करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोप में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज किया था। जांच का जिम्मा राज्य सरकार ने ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है। अचरज की बात ये कि नौ साल बाद भी ईओडब्ल्यू चार्ज शीट दायर नहीं कर पाई है।वर्ष 2016 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अंतर्गत स्कूलों में टीवी और कंप्यूटर देना था। इसके लिए संबंधित फर्म काे सामान की आपूर्ति करना था। फर्म ने सामान की आपूर्ति ही नहीं की और अफसरों ने 7 करोड़ 24 लाख भुगतान करना बता दिया। फर्जीवाड़ा के आरोप में पी रमेश सहायक संचालक (रिटायर) और बजरंग प्रजापति, एपीसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।सात करोड़ के घोटाले की जांच जब राज्य सरकार ने ईओडब्ल्यू को सौंपी और जांच एजेंसी ने जांच शुरू की तब ईओडब्ल्यू को खरीदी के लिए तैयार की गई मूल नस्ती नहीं मिली। खरीदी से संंबंधित सभी फाइलें गायब कर दी गई है।विभागीय सूत्रों ने बताया कि अपराध की विवेचना के दौरान संचालक राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय रायपुर से एल.एफ.डी क्रय के लिए अपनाई गयी प्रकिया से संबंधीत समस्त दस्तावेजों / नस्ती की छायाप्रति ब्यूरो में उपलब्ध कराई गई है। मूल दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध नहीं होना बताया गया है, जबकि प्रकरण में मूल दस्तावेज / अभिलेख की आवश्यकता है। अतः राजीव गांधी शिक्षा मिशन कार्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गई । उन समस्त दस्तावेजों की छायाप्रति बुक लेट 01 से 04 तक है. प्रत्येक बुक लेट क्रमश 677, 459, 500, 250 पन्नों की है। प्रत्येक पृष्ठों में प्रमाणित कर दस्तावेजों की सभी प्रति अन्वेषण ब्यूरो रायपुर को उपलब्ध कराये जाना आवश्यक हैं, उक्त कार्य सम्पन्न करने लिए अपने अधिनस्थ सक्षम आधिकारी को ब्यूरो कार्यालय रायपुर में उपस्थित हो व दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए निर्देशित करने का कष्ट करें। जिससे प्रकरण अग्रिम कार्यवाही किया जा सकें।पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़, रायपुर ने एक हलफनामा दायर कर कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस महानिरीक्षकों को एक परिपत्र जारी किया है और सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षकों और सभी जिसी के पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की है और एक वर्ष से लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत करने और ऐसे संबित मामलों का समय पर निपटारा करने का निर्देश दिया है। आशुतोष चावरे पर अपराध वर्ष 20216 में दर्ज किया गया है जो कुल 9 सालो से लंबित है उक्त प्रश्नण के ऑप अधिकारी द्वारा माननीय न्यायालय में प्रस्तुत पुलिस महानिदेशक के हलफनामा को खंडित किया जा रहा है, जो कि माननीय न्यायालय की अवहेलना है।


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