तरुण कौशिक/संपादक
छत्तीसगढ़ म कोनों पार्टी के सरकार बने रहे, सरकार ह जनता हित म कई आईसन नियम कानून लागू करथे,जेकर फायदा दिलाए अऊ जनता के समास्या ल दूर करें के जिम्मा पढ़ें-लिखें साहब मन ल देहे जाथे..! जब ले छत्तीसगढ़ बने हे ,तब ले कोनों सरकार रहे, गरमी के दिन म जनता के तीर म जाके ओकर समास्या,मांग ल दूर करें बर खुद राज्य के मुखिया यानि के मुख्यमंतरी ह बिन बताए कोनों जिला के गांव-देहात पहुंच जाथे अऊ लोगन ले सीधा मुलाकात करथे। अभी पाछू हप्ता ले मुखिया विष्णु देव साय ह ” सुसासन तिहार ” के रुप म जगह-जगह सिविर लगावाईस अऊ अब खुद अपन हवाई जहाज म अपन भरोसा मन के अधिकारी मन ल संग म लेके लोगन से मुलाकात करत हे, ओकर समास्या, मांग ल दूर करत हे, निश्चित रूप ले विधानसभा चुनाव के बेरा म भाजपा ह जऊन वादा करे रहिस ओला मुखिया विष्णु देव साय ह ” सुसासन तिहार ” म कतर हे। छत्तीसगढ़ म कोनों मुख्यमंतरी बनिस सबों अजीत जोगी,रमन सिंह, भूपेश बघेल अऊ अब विष्णु देव साय ह खुद अऊ कलेक्टर ल जनदर्शन लगाके जनता के समास्या सुने बर आदेस देहे हे,जेकर पालन छत्तीसगढ़ के सबों कलेक्टर करत हे फेर कलेक्टर जनदर्शन म समास्या दूर होथे , कलेक्टर जनदर्शन के भीड़ ल देखके लगथे नई होए ,फेर आज मुख्यमंतरी विष्णु देव साय के ” सुसासन तिहार ” म खुद अऊ सिविर के माध्यम ले जनता से सीधा संवाद अऊ मुलाकात करत हे,सुसासन तिहार म आवेदन पत्र लेवत हे अऊ सिविर म ओकर समास्या, मांग के निराकरण करत हे,ओकर से लगत हवै के मुख्यमंतरी विष्णु देव साय के ” सुसासन तिहार ” ह छत्तीसगढ़िया मन बर अब्बड़ सुघ्घर अभियान बनके हवै,बस ऐकर सिरतोन रुप अधिकारी मन कामकाज कर ही तौ आवाईया बेरा म विष्णु सरकार के चारों कोती जय-जयकार होती..! मुख्यमंतरी विष्णु देव साय सिरतोन रुप ले अब्बड़ -अब्बड़ सीधा-साधा आदमी आए वोह झूठ लबरी ल नई जाने, आईसन भी हम छत्तीसगढ़िया मन झूठ लबरी कोसो दूर रहिथन अऊ हमर मुखिया के नांव खुद भगवान विष्णु के नांव ले पड़थे तौ फेर छत्तीसगढ़िया मन ल पता हवै के हमर मुखिया कोनों झूठ लबरी नई बोलए अऊ छत्तीसगढ़िया मन के हित म कगमबूता ल कर ही ,आज मुख्यमंंतरी विष्णु देव साय के ” सुसासन तिहार ” ल पहिचान मिलत हे ओकर ले लगत हवै के अब मुख्यमंतरी ल अपन जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन,मंतरी मन के दर्शन ल खत्म करके छह -छह महीना म विष्णु देव साय सरकार ल आईसने ” सुसासन तिहार ” मनाए बर पड़ ही..! निश्चित रूप ले आज ” सुसासन तिहार ” के सफलता ल देखके ईही लगत हवै के अब मुख्यमंतरी विष्णु देव साय ल छत्तीसगढ़िया मन नई बल्कि पूरा दुनिया ह ” सुसासन तिहार ” मनावईया मुख्यमंतरी के रुप छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुखिया विष्णु देव साय ल जाने चाही…! फेर अब्बड़ -अब्बड़ पीरा के गोठ बात आए के ए ” सुसासन तिहार ” म कोनों ह हमर महतारी भासा छत्तीसगढ़ी के कोनो कोती के ” सुसासन तिहार ” म गोठ बात नई होत हवै..! हम छत्तीसगढ़िया मन बर बड़ सरम के गोठ बात आए के छत्तीसगढ़िया अऊ परदेस म रहवाईया गैर छत्तीसगढ़िया मन छत्तीसगढ़ी गोठियान नई हे, छत्तीसगढ़ी सुनना अच्छा नई लगे, फेर छत्तीसगढ़ी गीत म नाच-गाना करना सब ल सुघ्घर लग हे। छत्तीसगढ़ी भासा के पीरा बढ़ भारी हे, गोठियाय ले परहेज हे फेर नाच-गाना चल जही, वाह रे ….!छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी भासा ल लेके कई तरह के सवाल मन म आथे, काबर की छत्तीसगढ़ बने के बाद भी आज तक छत्तीसगढ़ी भासा ल गोठियाये बर कई मनखे के मन म संसो रहिथे, काबर के सहर म छत्तीसगढ़ी गोठियाने वाला मनखे आप ल आघु ले नई मिले, जेकर एक कारण एहू हवय के हिंदी भासा ले मया करईया मन सुरवत ले अइसने माहौल तईयार कर के राखें हवय के आप ल अपन खुद के भासा ल गोठियाये बर अइसने संगी ढूंढे ल लगही जेन पहली ले छत्तीसगढ़ी गोठियाय ल जानथे तभे आप ओखर संग छत्तीसगढ़ी म गोठ कर सकथव, नइ ते सहर म आके सबे मनखे पहली ले छत्तीसगढ़ी गोठ-गोठियाय बर लजाथे।छत्तीसगढ़ के सहरी क्षेत्र म छत्तीसगढ़ी भासा ल लेके मया देखे ल बहुत कम मिलही, सहर म कोनो गांव के मनखे भी आही जेन ठेठ छत्तीसगढ़िया हे तेन ह सहर म आके आघु ले छत्तीसगढ़ी गोठियाय म सांसों करथे, ऐखर सबले बड़ कारन हवय के सहर में दूसर परदेस ले आके रहवाईया मनखे मन के संख्या जादा हे, जेमा बयपारी मन के संख्या जादा देखे ल मील जही अउ इहि बयपारी मन जब बयपार करथे त छत्तीसगढ़िया मनखे ल देख के छत्तीसगढ़ी भासा म गोठियाथे, अउ छत्तीसगढ़ी भासा गोठिया के जादा भाव म आप ल समान बेच दिही ऐखर कारन भासा आये जेकर ले प्रभावित होके छत्तीसगढ़िया मनखे मन इंखर जाल म फस घलोक जाथे, तभो ले अपन बोली-भासा संस्करीति के परती छत्तीसगढ़िया मन जागरूक नई होवय।छत्तीसगढ़ी भासा ल जन-जन के भासा बनाये बर सबले बड़ बुता हे। छत्तीसगढ़ के शासकीय कार्यालय मन म छत्तीसगढ़ी भासा के उपयोग बढ़ाना, जेकर ले छत्तीसगढ़ के मनखे मन बिना लजाये अधिकारी-कर्मचारी मन के संग अपन भासा म गोठिया सकें अऊ अधिकारी-कर्मचारी मन छत्तीसगढ़िया मनखे के भासा ल समझ के उंखर समस्या के निदान कर सकें, जेखर से छत्तीसगढ़ी भासा के महत्व सबो कोती बगरही । आप मन से बिनती हवै के सुसासन तिहार म अपन गोठ बात ल छत्तीसगढ़ी भासा म रखव,तभे हमर महतारी भासा छत्तीसगढ़ी के मान सम्मान बढ़ ही..!