विकास नंद/ सर्वव्यापी/
देश दुनिया में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर क्षेत्र की छबि हमेशा नक्सली इलाके के रुप में और पिछड़ा होने के लिए जाना जाता था लेकिन बस्तर की जनता से जुड़ाव और विकास के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पहले एक साल के कार्यकाल में जो सक्रियता दिखाई है, उसने पिछले सभी मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ दिया है. बस्तर दौरे की संख्या में विष्णुदेव साय ने अब तक के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक साल में ही 31 दौरे किए हैं, जबकि उनके पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री इतने कम समय में इतने बार बस्तर नहीं पहुंच पाए. इस पहल ने न केवल क्षेत्रीय विकास को गति दी है, बल्कि बस्तर के लोगों के साथ मुख्यमंत्री के गहरे संपर्क को भी दर्शाया है। सुशासन तिहार के तहत गलगम पहुंचे मुख्यमंत्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने के लिए पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है. उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिले के उसूर तहसील के अंदरूनी गांव गलगम पहुंचे, जहाँ उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर हालिया नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर चर्चा की मुख्यमंत्री के दृण इच्छाशक्ति और संकल्प से अब नक्सलगढ़ कहें जाने वाले बस्तर का स्वरूप बदल रहा है आने वाले समय में खुशहाली और समृद्धि देखनें को मिलेगी।