बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
भ्रष्टाचार मुक्त भारत नारे के साथ विगत 11 वर्षों से संचालित केंद्र की भाजपा सरकार एवं राज्य की विष्णु देव साय सरकार की सुशासन तिहार की लहर के बीच बिलासपुर संभाग से यह सूचना प्राप्त हो रही है थी, राज्य की भाजपा सरकार के सभी मंत्री नेता एवं कार्यकर्ता भ्रष्टाचार मुक्ति के सफल जमीनी विश्वास को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वहीं चौंकाने वाली बात तो यह है कि विपक्षी पार्टी के राज्य लेवल के नेता या विपक्षी पार्टी के नेता नौकरी लगने जैसे प्रशासनिक कई कामों को करन देने जैसी बातों के माध्यम से लोगों को थमने का हौसला रखते हैं , इसी कड़ी में पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु भोले भाले शिक्षित को आश्वासन देकर पैसा लिया गया, पर्यवेक्षक की नियुक्ति हुए जमाना गुजर गया परंतु अभी भी उसे आश्वासन में रखा गया है कि विपक्ष के नाते हमें जो नियुक्ति में अधिकतर हिस्सा मिला है , उसके तहत आपकी नियुक्ति कर देंगे जैसी बात सुनने में आ रही है और वही नौकरी नहीं लगने पर संबंधित विपक्षी नेता ने पीड़ित युवक को चेक भी किसी कंपनी के नाम से दिया है,जिसे वह अपने खुद का कंपनी बताता है। यह नेता न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र बल्कि अन्य क्षेत्रों के शिक्षित लोगों को नौकरी लगाने के नाम पर लगातार मोहरा बनाकर लाखों रुपए की कमाई कर रहा है और यह नेता खुद का विकलांग होने का फायदा उठाते हुए सत्तापक्ष से लाभ लेने में भी लगे हुए हैं। यह नेता कौन है इसका खुलासा आगामी अंकों में करेंगे..!