विकास नंद/सर्वव्यापी/
आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं से जन एवं पशु हानि की लगातार मिल रही खबरों के बीच भारत सरकार द्वारा विकसित दामिनी एप्प एक उपयोगी प्रयास के रूप में सामने आया है। यह एप्प 20 से 31 किलोमीटर की परिधि में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका की सूचना पूर्व में देकर नागरिकों को सतर्क करता है, जिससे समय रहते आवश्यक तैयारी एवं बचाव के उपाय किए जा सकें।इसी प्रकार मौसम से जुड़ी जानकारी जैसे तापमान, वर्षा, हवा की गति एवं दिशा के पूर्वानुमान हेतु मेघदूत एप्प किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। दोनों एप्प गूगल प्ले स्टोर से एंड्रॉइड मोबाइल पर निःशुल्क डाउनलोड किए जा सकते हैं।कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले के सभी तहसील एवं ग्राम पंचायत मुख्यालयों में निवासरत पटवारी, शासकीय शिक्षक एवं पंचायत सचिवों के माध्यम से इन एप्स के प्रचार-प्रसार और डाउनलोड को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोटवारों के माध्यम से मुनादी करवाकर ग्रामीणों तक इस जानकारी को पहुंचाने की पहल की जा रही है।लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या केवल पूर्वानुमान से ही जान-माल की रक्षा हो सकेगी? विशेषज्ञों और ग्रामीणों की राय है कि दामिनी एप्प चेतावनी देने में सहायक जरूर है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मृत्यु या संपत्ति की हानि रोकने के लिए गांव-गांव में तड़ित चालक (Lightning Arrester) की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। यह वैज्ञानिक उपकरण आकाशीय बिजली को सुरक्षित रूप से जमीन में प्रवाहित कर देता है, जिससे जान-माल की हानि नहीं होती।गौरतलब है कि पूर्व में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के समय पंचायतों को गांवों में तड़ित चालक लगाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन बाद में यह योजना निरस्त कर दी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उस योजना को लागू किया गया होता, तो आज आकाशीय बिजली से होने वाली अनेक दुखद घटनाओं से बचा जा सकता था।अब आवश्यकता इस बात की है कि राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन मिलकर फिर से उस योजना को पुनर्जीवित करें और हर गांव में तड़ित चालक की स्थापना सुनिश्चित करें। जब तक संरचनात्मक उपाय नहीं किए जाएंगे, तब तक केवल चेतावनी आधारित एप्प से सीमित लाभ ही मिल पाएगा।जनहित में यह आवश्यक है कि जहां एक ओर तकनीक का उपयोग हो, वहीं सुरक्षा के ठोस उपाय भी जमीन पर दिखें — तभी आकाशीय बिजली से जान-माल की हानि को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।