तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
भिलाई 30 जून 2025 को भिलाई इस्पात संयंत्र के डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोक ओवन एवं कोक केमिकल विभाग (COCCD) के मुख्य महाप्रबंधक, बेहरा से शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट सौजन्य स्वरूप होते हुए भी अत्यंत विचारोत्तेजक एवं उद्देश्यपूर्ण संवाद का माध्यम बनी, जिसमें डिप्लोमा इंजीनियर्स के कार्य, भविष्य की दिशा, एवं कैरियर ग्रोथ से जुड़े अनेक पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ।चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:मैनेजमेंट ट्रेनी (टेक्निकल) [MTT] की भर्ती प्रक्रिया में डिप्लोमा इंजीनियर्स जो ग्रेजुएशन के चुके है, हेतु 15% आरक्षण का प्रस्ताव, ताकि अनुभवी एवं दक्ष कर्मियों को नेतृत्व के उपयुक्त अवसर मिल सकें। EO स्तर की सीटों की संख्या में वृद्धि और पारदर्शी प्रोन्नति प्रक्रिया लागू करने पर विशेष बल। दीर्घकालीन कैरियर ग्रोथ के लिए एक समावेशी एवं प्रगतिशील नीति की आवश्यकता पर चर्चा। संयंत्र में कार्यरत उन कर्मचारियों को लाभान्वित करने हेतु सुझाव, जिन्होंने AMIE, IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से संयंत्र में कार्य करते हुए ग्रेजुएशन प्राप्त किया है — इन्हें लेटरल एंट्री एवं MTT भर्ती में प्राथमिकता देने की बात को बल मिला। बेहरा ने अपने पूर्व कार्यस्थल राउरकेला इस्पात संयंत्र में डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि राउरकेला में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने अनेक महत्त्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए संगठन को उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि उपयुक्त अवसर और मंच प्रदान किया जाए तो डिप्लोमा इंजीनियर्स किसी भी चुनौती का कुशलतापूर्वक सामना कर सकते हैं।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कार्यकुशलता, निष्ठा और तकनीकी दक्षता के बल पर डिप्लोमा इंजीनियर्स किसी भी संगठन की रीढ़ बन सकते हैं। ऐसे में संस्था को चाहिए कि वह इन योग्य कार्मिकों के लिए स्पष्ट, न्यायपूर्ण और प्रेरक कैरियर पथ निर्धारित करे।इस अवसर को और भी विशेष बनाते हुए, प्रतिनिधिमंडल ने बेहरा को उनके जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्हें दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सतत सफलता की मंगलकामनाएँ देते हुए, सभी सदस्यों ने उनके सरल, संवेदनशील और उत्साहवर्धक नेतृत्व के लिए आभार प्रकट किया।डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन इस सकारात्मक और दूरदर्शी संवाद के लिए श्री बेहरा का हृदय से आभार व्यक्त करता है और आशा करता है कि इस विचार-विमर्श से उत्पन्न सुझावों को उचित मंच में लाया जाएगा, जिससे डिप्लोमा इंजीनियर्स को उनके योग्य स्थान तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त होगा।