विकास नंद/सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आज मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्यहित में 12 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों का सीधा प्रभाव युवाओं, वंचित वर्गों, छोटे व्यापारियों और शहरी विकास पर पड़ेगा। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय निम्नानुसार हैं:
🔹 1. वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान की स्वीकृति:राज्य पुलिस सेवा के 2005 से 2009 बैच तक के अधिकारियों को वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने हेतु 30 नए सांख्येतर पदों के सृजन की मंजूरी दी गई।
🔹 2. वंचित वर्गों के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी:जनजातीय, महिला एवं तृतीय लिंग के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं PanIIT Foundation के साथ गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम स्थापित करने का निर्णय, जिससे उन्हें कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
🔹 3-4. मोटरयान कराधान एवं नियमों में संशोधन:पुराने वाहनों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाएं व प्रदूषण रोकने हेतु छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 और मोटरयान नियम-1994 में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब वाहन मालिक फैंसी नंबर नए वाहन में स्थानांतरित कर सकेंगे।
🔹 5. निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन:छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
🔹 6. छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति:राज्य के 50 हजार छात्रों को नवाचार से जोड़ने, 500 प्रोटोटाइप्स और 150 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति लागू की जाएगी। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र भी स्थापित होंगे।🔹
7. कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन:छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी (संशोधन) विधेयक, 2025 के प्रारूप को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
🔹 8. राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना:रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नया रायपुर के एकीकृत, सुव्यवस्थित विकास हेतु छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण स्थापित किया जाएगा, जो 2031 तक अनुमानित 50 लाख की जनसंख्या को देखते हुए योजना तैयार करेगा।
🔹 9. जीएसटी संशोधन विधेयक का अनुमोदन:छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी मिली, जिससे इनपुट सेवा वितरक के नियम और अधिक प्रभावी होंगे।
🔹 10. बकाया कर समाधान विधेयक:राज्य के छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत देने तथा कर संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान के लिए बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति निपटान विधेयक 2025 को मंजूरी दी गई।
🔹 11. भू-राजस्व संहिता संशोधन:नामांतरण, नक्शा बंटवारा, अवैध प्लाटिंग पर रोक, और भूखंडों के स्वामित्व विवादों को हल करने हेतु भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई।
12. पत्रकारिता विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन:छत्तीसगढ़ कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय अधिनियम 2004 में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृति मिली।निष्कर्ष:आज की मंत्रिपरिषद बैठक में लिए गए निर्णय राज्य के सर्वांगीण विकास, युवाओं को सशक्त बनाने, वंचित समुदायों के उत्थान, शहरी नियोजन और सुशासन की दिशा में सार्थक पहल सिद्ध होंगे।