विकास नंद /सर्वव्यापी
राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने हेतु कृषक उन्नति योजना का क्रियान्वयन खरीफ 2025 से किया जा रहा है। इस योजना के तहत अब किसानों को खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य फसल (कोदो, कुटकी, रागी) एवं कपास की खेती करने पर ₹10,000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी।वहीं, पिछले खरीफ में धान की फसल लगाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को यदि वे इस वर्ष धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों की खेती करते हैं, तो ₹11,000 प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि मिलेगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में दी जाएगी।राज्य का अधिकांश कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है, जिससे किसानों की आय पर अस्थिरता बनी रहती है। कृषि आदानों की बढ़ती लागत भी किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई कृषक उन्नति योजना किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यंत्रीकरण एवं नवीन कृषि तकनीकों में निवेश हेतु प्रोत्साहित करेगी।किसे मिलेगा लाभ?योजना का लाभ केवल एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत किसानों को मिलेगा।जिन्होंने पिछले खरीफ में धान या धान बीज की बिक्री सहकारी समितियों को की हो।इस वर्ष जो धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों का पंजीयन एवं गिरदावरी में रकबे की पुष्टि कराएंगे।संस्थागत समितियां (जैसे ट्रस्ट, मंडल, शाला विकास समिति आदि) योजना की पात्रता से बाहर होंगी।अधिकतम सहायता राशि का निर्धारण:धान (कॉमन) पर अधिकतम ₹15,351 प्रति एकड़धान (ग्रेड-ए) पर अधिकतम ₹14,931 प्रति एकड़अन्य खरीफ फसलों पर ₹10,000 – ₹11,000 प्रति एकड़कृषक उन्नति योजना का क्रियान्वयन मार्कफेड, खाद्य विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड और संचालनालय कृषि के माध्यम से किया जाएगा।यह योजना राज्य में कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलने, किसानों की आय बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।