गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परीक्षा परिणाम बेहतर लाने कलेक्टर ने प्राचार्यों और व्यायाम शिक्षकों की ली समीक्षा बैठक उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने कर्तव्य के प्रति समर्पण, अनुशासन, समय का पाबंद, नियंत्रण, उपस्थिति, यूनिट टेस्ट आदि के निर्देश।

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नूर मोहम्मद/ गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी) /

स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परीक्षा परिणाम बेहतर लाने के संबंध में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने आज मल्टीपरपरज स्कूल पेण्ड्रा के असेम्बली हॉल में सभी हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों और व्यायाम शिक्षकों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम निराशाजनक होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आगामी सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कार्य योजना बनाकर समर्पण भाव से व्यक्तिगत प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन वाले और अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की विकासखण्ड और शालावार समीक्षा की।

कलेक्टर ने आगामी बोर्ड परीक्षा में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने सभी प्राचार्यों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठापूर्वक करने, स्वयं अनुशासित रहते हुए अपने अधीनस्थ शिक्षकों को अनुशासित रखने, शिक्षकों पर नियंत्रण रखने, स्वयं समय का पाबंद होते हुए शिक्षकों और बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, सिलेबस के अनुसार पाठ्यक्रम पूर्ण करने, यूनिट टेस्ट लेने आदि के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि वे अपने कार्यालय तक ही सीमित नहीं रहें, शिक्षा दान सबसे बड़ा दान होता है, इसलिए जिस विषय से संबंधित है, उस विषय में बच्चों को स्वयं पढ़ाएं, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें तथा उसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि पालकों से संपर्क करके बच्चों की उपस्थिति बढ़ाएं, 10वीं एवं 12वीं कक्षा के बच्चे बिल्कुल भी अनुपस्थित नहीं होना चाहिए। जो बच्चे अध्ययन-अध्यापन में कमजोर हैं, उनका एक्सट्रा क्लास लें। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि आपको नैतिक जिम्मदारी लेते हुए शिक्षा गुणवत्ता में विशेष ध्यान देना है, आपका प्रयास दिखना भी चाहिए।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य में बिल्कुल भी संलग्न नहीं करना है। यदि संलग्न करना आवश्यक हो तो कलेक्टर के माध्यम से शासन से अनुमोदन लेकर ही किया जा सकता है। उन्होंने अनुशासनहीनता एवं कर्तव्य के प्रति लापरवाह शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने के भी निर्देश प्राचार्यों को दिए। कलेक्टर ने सभी स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनवाने, एक पेड़ मां के नाम के तहत शाला परिसरों में लगाए गए पौधों की जानकारी और सभी स्कूलों में इको क्लब गठन की जानकारी पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, जिला शिक्षा अधिकारी रजनिश तिवारी, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं व्यायाम शिक्षक उपस्थित थे।


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