तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
किसान मजदूर महासंघ बिलासपुर के अध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक ने छग सरकार द्वारा कृषि पंप कनेक्शन पर प्रति यूनिट बिजली दर 50 पैसा एवं घरेलू बिजली कनेक्शन में 20 से 30 पैसा वृद्धि करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि ये सरकार किसान एवं जन विरोधी सरकार है। छग प्रदेश सर प्लस बिजली वाला प्रदेश है इसके बाद भी सरकार द्वारा किसानों के बिजली दर को बढ़ाकर किसानों को मारने का काम किया है जिसका किसान मजदूर महासंघ विरोध करता है एवं मांग करता है कि बिजली दर वृद्धि को वापस लिया जाए। अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।*छत्तीसगढ़ सरकार ने बिजली दरों में वृद्धि की है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू और गैर-घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की दरों में 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है, जबकि कृषि पंपों के लिए बिजली की दरों में 25 पैसे का इजाफा किया गया है।**बिजली दर वृद्धि के विवरण:*- *घरेलू उपभोक्ताओं के लिए:* 100 यूनिट तक के खपत में न्यूनतम 20 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसी तरह 200 यूनिट पर 40 रुपये और 600 यूनिट के खपत पर 120 रुपये ज्यादा देने होंगे।- *कृषि पंपों के लिए:* बिजली की दरों में 25 पैसे का इजाफा किया गया है।- *वृद्धि की वजह:* छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियाम आयोग ने बिजली की दरें बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे बिजली कंपनियों को होने वाले घाटे को कम किया जा सके। आयोग ने 4420 करोड़ के घाटे का प्रस्ताव दिया था, जिसे सरकार ने 20% से घटाकर 8.35% कर दिया है।*नई दरें कब से लागू होंगी?*नई दरें 1 जून 2024 से लागू हो गई हैं। कुछ स्रोतों के अनुसार, नई दरें जुलाई से लागू होने की बात कही गई थी, लेकिन अधिकृत जानकारी के अनुसार, यह दरें जून से ही लागू हो गई हैं ।