विकास नंद/ सर्वव्यापी/
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार देते हुए केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में 19 जुलाई, शनिवार को पूरे प्रदेश में ईडी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और पुतला दहन करने की घोषणा की गई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी जिला इकाइयों को प्रदर्शन की रूपरेखा भेज दी है। निर्देशों के अनुसार, जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस विधायक, सांसद, पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और ईडी का पुतला दहन करेंगे।इस विषय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की राजनीति का हिस्सा है। पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार को डराने की साजिश रची जा रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में जनता का गुस्सा सत्ता पक्ष के खिलाफ उभर कर सामने आ रहा है, वह दर्शाता है कि लोग अब केंद्र सरकार की तानाशाही कार्यप्रणाली से परेशान हो चुके हैं।
दीपक बैज ने कहा, “आज केंद्रीय मंत्रियों के काफिले रोके जा रहे हैं, उपमुख्यमंत्री की गाड़ियों का विरोध हो रहा है, यहां तक कि सत्ता पक्ष के सांसद भी जनता के बीच जाने से कतरा रहे हैं। यह साफ संकेत है कि जनता अब अन्याय के खिलाफ खड़ी हो रही है।”कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया है और साफ कर दिया है कि वह ईडी की कार्रवाई और केंद्र की दबाव की राजनीति का डटकर विरोध करेगी।
पार्टी ने सभी जिलों में इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए तैयारी तेज कर दी है।
अब देखना यह है कि 19 जुलाई को कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन कितना व्यापक असर डालता है और प्रदेश की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।