संवाददाता/ सर्वव्यापी
रायगढ़ जिले में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एनटीपीसी लिमिटेड के लारा सुपर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के खिलाफ फ्लाईऐश के अवैध निपटान मामले में जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की संयुक्त कार्रवाई में 4.05 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर ग्राम कलमी में फ्लाईऐश के अनाधिकृत निपटान की शिकायत पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि एनटीपीसी की छह परिवहन गाड़ियां नियमानुसार फ्लाईऐश को रायपुर और बलौदाबाजार भेजने की बजाय स्थानीय स्तर पर अवैध तरीके से डंप कर रही थीं।जांच में पुष्टि होने के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एनटीपीसी पर 4.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही, एनटीपीसी ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन दोषी परिवहन एजेंसियों को निलंबित कर उन पर कुल ₹3.70 लाख का जुर्माना लगाया है। वहीं, छह परिवहन वाहनों को प्रतिबंधित करते हुए प्रत्येक पर ₹50,000 की दर से कुल ₹3 लाख की पेनाल्टी लगाई गई है।कलेक्टर चतुर्वेदी ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और पर्यावरण विभाग को निर्देशित किया है कि फ्लाईऐश के परिवहन व निपटान की सतत निगरानी करें और ‘इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
इस संदर्भ में 18 जुलाई को क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी द्वारा जिले के सभी थर्मल पॉवर प्लांट्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि फ्लाईऐश का निपटान केवल निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुसार ही किया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने दो टूक कहा है कि पर्यावरण सुरक्षा और जनहित के मामलों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन नियमों के उल्लंघन पर सख्त और त्वरित कार्रवाई करता रहेगा।