सांसद विजय बघेल को चिन्हारी सम्मान, “माता कौसल्या जन्मभूमि-कोसला” पुस्तक का भव्य विमोचन।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

साहित्य, कला और संस्कृति की प्रतिष्ठित संस्था चिन्हारी द्वारा आयोजित चिन्हारी सम्मान समारोह-2025 का भव्य आयोजन आईसीएआई भवन, सिविक सेंटर, भिलाई में हुआ। संस्था के रजत जयंती समारोह के अवसर पर यह आयोजन गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

इस अवसर पर दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को चिन्हारी सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान ब्राजील में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रदान किया गया। विजय बघेल ने न केवल दुर्ग क्षेत्र की भावना को वैश्विक मंच पर व्यक्त किया, बल्कि भारत की एकता और समरसता का संदेश भी दुनिया तक पहुंचाया।

उनके इस योगदान को संस्था ने अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय बताया।कार्यक्रम में “माता कौसल्या जन्मभूमि – कोसला” नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस दौरान आयोजित संगोष्ठी में डॉ. विद्यावती चंद्राकर, डॉ. राजेश श्रीवास एवं डॉ. शांतिलाल कैवर्त्य ने माता कौसल्या की जन्मभूमि कोसला के ऐतिहासिक तथ्यों पर विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अलका बघमार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सांसद विजय बघेल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. राजकुमार सचदेव (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, बिलासपुर) और डॉ. बृजकिशोर त्रिपाठी (विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान) ने मंच की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के संयोजक दुर्गा प्रसाद पारकर ने स्वागत भाषण के दौरान माता कौसल्या की जन्मभूमि कोसला में भव्य मंदिर निर्माण की मांग को बल देते हुए प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।

सांसद विजय बघेल ने इस पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों से इस संबंध में पहल करने का आग्रह करेंगे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. गणेश कौशिक ने किया एवं आभार प्रदर्शन डूमन लाल ध्रुव ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से लोगों की बड़ी उपस्थिति रही, विशेष रूप से माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला से भारी संख्या में लोग शामिल हुए।इस अवसर पर निषाद समाज जनजागरण समिति के प्रदेश अध्यक्ष कुलेश्वर प्रसाद निषाद, भाजपा दुर्ग जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, भरत राणा, सचिन निषाद, शैलेंद्र शेंडे, मोरध्वज चंद्राकर, डॉ. संजीव सिरमौर, शैलेंद्र पारकर, द्रुपद ध्रुव, पुष्पक राज देशमुख, मेनका वर्मा, डॉ. सोनाली चक्रवर्ती सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने विश्वास जताया कि इस आयोजन से न केवल सांस्कृतिक मूल्यों को बल मिलेगा बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका भी और अधिक सशक्त होगी।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!