विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जिले में उर्वरकों एवं कीटनाशकों की गुणवत्ता और विक्रय व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा 19 जुलाई को विकासखण्ड महासमुंद के ग्राम खट्टी में स्थित दो निजी कृषि विक्रय केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया। ये केन्द्र सिन्हा कृषि केन्द्र एवं लक्ष्मी कृषि सेवा केन्द्र हैं।निरीक्षण के दौरान सिन्हा कृषि केन्द्र में स्टॉक मिलान, बिल बुक रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर तथा किसानों को प्रदाय किए गए बिलों का गहन परीक्षण किया गया। दल द्वारा सभी दस्तावेज समय पर और सही स्थिति में पाए गए तथा उर्वरकों का भंडारण भी निर्धारित मात्रा के अनुसार पाया गया। यह केन्द्र निरीक्षण में संतोषजनक पाया गया।दूसरी ओर, लक्ष्मी कृषि सेवा केन्द्र में कई अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध 6 बोरी डीएपी उर्वरक नमी युक्त पाई गई, जिसे तत्काल निरुद्ध कर दिया गया। साथ ही डीएपी का सैंपल लेकर रायपुर प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
इसके अतिरिक्त, केंद्र पर स्टॉक बोर्ड प्रदर्शन नहीं करना, स्टॉक रजिस्टर संधारित नहीं करना एवं ग्राहकों को बिल प्रदाय नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।इस निरीक्षण में सहायक संचालक कृषि डॉ. परमजीत सिंह कंवर, अनुविभागीय कृषि अधिकारी बी.आर. घोड़ेसवार, उर्वरक निरीक्षक मनोज पटेल एवं उमेश चन्द्राकर उपस्थित रहे।कलेक्टर के निर्देशानुसार ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे और सभी निजी विक्रेताओं को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता नियंत्रण का कड़ाई से पालन करने हेतु सतर्क किया गया है।