विकास नंद /सर्वव्यापी/
जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय आदिवासी महा अभियान (पीएम-जनमन) महासमुंद जिले में बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। विशेष रूप से कमार जनजाति के जीवन में यह योजना अंधेरे से उजाले, वंचना से विकास और अलगाव से आत्मबल की ओर एक सशक्त कदम सिद्ध हो रही है।पीएम-जनमन अभियान की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर की गई थी, जिसे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह योजना जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को बुनियादी सुविधाएं देकर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है।महासमुंद जिले में कमार जनजाति, जो विशेष पिछड़ी जनजातियों में शामिल है, पारंपरिक रूप से जंगल, कंद-मूल और मजदूरी पर निर्भर रही है। यहां के 923 कमार परिवारों की कुल जनसंख्या 3309 है, जिनमें से अधिकांश कच्चे घरों, बिजली व स्वास्थ्य सुविधा विहीन जीवन जी रहे थे।
योजना से आया बड़ा बदलावपीएम-जनमन के अंतर्गत जिला प्रशासन व आदिम जाति विकास विभाग ने मिलकर जमीनी कार्यों की शुरुआत की। घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया और दस्तावेजीकरण के साथ-साथ सामुदायिक ढांचे को भी विकसित किया गया।330 परिवारों को बिजली कनेक्शन मिलने से बच्चों को रात में पढ़ाई का अवसर और जीव-जंतुओं से सुरक्षा मिली।314 परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया, जिससे जलजनित बीमारियों में गिरावट आई।678 कच्चे मकानों में से 405 परिवारों को पक्के मकान मिल चुके हैं, शेष निर्माणाधीन हैं।75 बसाहटों में आंगनवाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था से बच्चों का नामांकन और संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी हुई है।
राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड सभी परिवारों के बनाए जा चुके हैं।1825 लक्षित बैंक खातों में से 80 शेष, शेष जल्द ही पूर्ण होंगे।जाति प्रमाण पत्र, किसान सम्मान निधि, महतारी वंदन योजना सहित सभी लाभ अब सीधे खातों में पहुंच रहे हैं।26 सड़कविहीन बसाहटों में सड़कों का निर्माण जारी है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों का संपर्क सुलभ होगा।मोबाइल टावर की स्थापना स्वीकृत हो चुकी है, जिससे डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा।बहुद्देशीय सेवा केंद्र बन रहे आदर्श मॉडलजिले में दो बहुद्देशीय सेवा केंद्रों का निर्माण अंतिम चरण में है, जहां एक ही स्थान पर आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान, किचन गार्डन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इससे सेवा वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी।कमार जनजाति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और शासन के प्रति विश्वास की भावना सशक्त हुई है। पीएम-जनमन योजना न केवल सरकारी प्रयास है, बल्कि यह आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर समुदाय का सशक्त बढ़ता कदम है।