विकास नंद/ सर्वव्यापी/
27 जुलाई को सरायपाली में भाजपा ओबीसी मोर्चा द्वारा आयोजित संभाग स्तरीय सम्मेलन से पहले अवैध वसूली की चर्चाएं ज़ोर पकड़ रही हैं। इस बड़े कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्रीगणों सहित राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं के आगमन की संभावना है, वहीं दूसरी ओर कथित भ्रष्ट नेताओं द्वारा मंत्री के नाम पर अवैध वसूली की तैयारी की खबरें जनचर्चा का विषय बन गई हैं।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पहले भी जब प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी सरायपाली जनपद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, तब कुछ नेताओं ने उनके नाम का उपयोग कर सरपंचों, सचिवों को भीड़ लाने तथा अन्य विभागीय कर्मचारियों से अवैध रूप से पैसों की मांग की थी। ठीक वैसी ही स्थिति एक बार फिर देखने को मिल रही है। चर्चा है कि इस बार भी कथित भ्रष्ट नेताओं ने मंत्री के नाम की धौंस दिखाकर विभिन्न स्रोतों से वसूली करने की योजना बना ली है। हालांकि इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वयं विभिन्न मंचों से लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति नेता या मंत्री के साथ फोटो खिंचवाकर या संबंध बताकर यदि नौकरी या अन्य लाभ के नाम पर पैसा मांगता है, तो जनता ऐसे लोगों से सतर्क रहे। बावजूद इसके सरायपाली में एक बार फिर मंत्री ओपी चौधरी के आगमन को लेकर उनके नाम से पैसे वसूले जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे उनकी ईमानदार छवि को नुकसान पहुंच रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि मंत्री के आगमन को लेकर जो उत्साह होना चाहिए, वह अब शंकाओं और नाराजगी में बदल रहा है। भाजपा की साय सरकार को जिस सुशासन के नाम पर जनता का समर्थन मिला था, वही अब कथित भ्रष्ट नेताओं की वजह से “लूटेरी सरकार” के रूप में चर्चा में आने लगी है। यदि समय रहते ऐसे नेताओं की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।पार्टी की साख और मंत्रीगणों की छवि को बचाने के लिए भाजपा नेतृत्व को इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर तत्काल जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि जनता का भरोसा और पार्टी की गरिमा दोनों कायम रह सके।