तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में ऐसे अफसरों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन जो हैं, वे अपने जमीनी कार्यों से लोगों के बीच एक खास पहचान बना चुके हैं। ऐसी ही एक अफसर हैं बिलासपुर जिले के बिल्हा तहसील कार्यालय में पदस्थ नायाब तहसीलदार विनीता शर्मा, जो अपनी ईमानदारी, निष्पक्षता और निडर कार्यशैली को लेकर आज प्रदेशभर में एक मिसाल बन गई हैं।विनीता शर्मा को यहां पदस्थ हुए लगभग दो से ढाई वर्ष हो चुके हैं, और इस दौरान उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों में समयबद्ध और न्यायसंगत निर्णय लेकर न केवल अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन किया है, बल्कि विभागीय व्यवस्था में भी पारदर्शिता और भ्रष्टाचारमुक्त संस्कृति को प्रोत्साहित किया है।
जब हमारी टीम प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के निर्वाचन क्षेत्र, बिल्हा मुख्यालय पहुंची, तो वहां मौजूद किसानों, पक्षकारों और अधिवक्ताओं ने खुले शब्दों में विनीता शर्मा की प्रशंसा की।
लोगों का कहना है कि “बिल्हा तहसील कार्यालय में पहली बार ऐसा अफसर मिला है जो पूरी तरह ईमानदार है और बिना किसी राजनीतिक दबाव या लेन-देन के काम करता है।
”राजस्व विभाग, जिसे अक्सर भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ माना जाता है, वहां विनीता शर्मा ने एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया है।
न्यायालयीन प्रकरणों का समय पर निपटारा, बेजाकब्जा पर त्वरित कार्रवाई, और नामांतरण जैसे कार्यों में बिना किसी रिश्वत के निष्पक्ष निर्णय देना उनके कार्यकाल की विशेषता रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने आज तक किसी से ‘चाय-पानी’ के नाम पर भी पैसा नहीं लिया।
जनता की राय है कि विनीता शर्मा जैसे अफसर ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सही मायनों में धरातल पर लागू कर पा रहे हैं। निडर और निर्भीक होकर कार्य करना, चाहे वह राजनीतिक हस्तक्षेप का सामना हो या विभागीय दबाव—
विनीता शर्मा अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करतीं।ऐसे अफसर आज दुर्लभ हैं, और विनीता शर्मा की कार्यशैली निश्चित रूप से नई पीढ़ी के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा है।