विकास नंद/ सर्वव्यापी/

भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
राज्य के नगरीय निकायों के सतत प्रयासों के चलते इस वर्ष सर्वेक्षण में शामिल 169 में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है।
देशभर के 4,566 शहरों में से छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में स्थान बनाने में सफल रहे हैं, जो कि पिछले वर्ष के मुकाबले बड़ी उपलब्धि है, जब सिर्फ 16 शहर इस सूची में थे।राजधानी रायपुर ने गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
साथ ही रायपुर ने वाटर प्लस शहर का दर्जा भी हासिल किया है। राज्य के अन्य प्रमुख शहर जैसे बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर भी अब ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं।62 नगरीय निकायों ने बढ़ाई स्टार रेटिंग, 52 नए शहर शामिल हुए स्टार श्रेणी मेंराज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार करते हुए बेहतर दर्जा प्राप्त किया है। सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या अब 114 हो गई है, जो पिछले वर्ष 71 थी। बिलासपुर और अंबिकापुर ने थ्री स्टार से फाइव स्टार की ओर छलांग लगाई है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर, जामुल और घरघोड़ा ने सिंगल स्टार से थ्री स्टार तक का सफर तय किया है।
इस वर्ष 52 नगरीय निकायों ने पहली बार नो स्टार से सिंगल स्टार श्रेणी में प्रवेश किया, जिनमें धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर शामिल हैं।शहरों की रैंकिंग में ऐतिहासिक सुधार कई नगरीय निकायों ने अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है:रायपुर: 12वें से 4वें स्थान परभिलाई नगर: 267 से 22राजनांदगांव: 268 से 46जगदलपुर: 461 से 55सिमगा: 649 से 95राजपुर: 630 से 63प्रतापपुर: 173 से 62बलरामपुर: 65 से 53
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को नगरीय निकायों और आमजन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और अधिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी।उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छता और नगरीय विकास के लिए 2024-25 में 7,400 करोड़ रुपये जारी किए थे। उन्होंने बताया कि सफाई कार्यों की निगरानी के लिए नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोज़ सुबह भ्रमण करने के निर्देश दिए गए थे, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिख रहा है।
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को स्वच्छता के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है और आने वाले समय में राज्य की और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने की संभावना को मजबूत करती है।