विकास नंद/सर्वव्यापी/
विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा पाइपलाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत लाफिनखुर्द गांव के दो सौ से अधिक किसानों को भूमि उपयोग अधिकार (Right of Use) के लिए नोटिस थमाया गया है।नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पाइपलाइन बिछाने के बावजूद भूमि का स्वामित्व और कब्जा किसानों का ही बना रहेगा। हालांकि, इस भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य जैसे मकान बनाना, कुआं या बोर खनन, और पेड़ लगाना प्रतिबंधित रहेगा। किसानों को केवल कृषि कार्य के लिए ही भूमि का उपयोग करने की अनुमति होगी।इस नोटिस के चलते गांव में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई ग्रामीणों ने बिना पूरी जानकारी के नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि अनेक किसानों को अभी तक नोटिस की जानकारी ही नहीं है।गांव की सरपंच जानकी साहू ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनी द्वारा पंचायत से सहमति ली गई है और किसानों को सूचित किया जा रहा है कि भूमि का स्वामित्व बना रहेगा। लेकिन नोटिस की भाषा और प्रक्रियात्मक जानकारी को लेकर ग्रामीणों में स्पष्टता नहीं है, जिससे वे दुविधा में हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी से अपील की है कि उन्हें पूरी जानकारी सरल भाषा में दी जाए ताकि वे अपने अधिकार और शर्तों को समझ सकें। परियोजना को लेकर जनसुनवाई और विस्तृत चर्चा की मांग भी की जा रही है।