महासमुंद जिले में जल संरक्षण की अनूठी पहल — 5 हजार से अधिक सोखता गड्ढे और 125 इंजेक्शन वेल का निर्माण पूर्ण।

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विकास नंद/सर्वव्यापी

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अभिनव पहल “मोर गांव मा पानी” अभियान के अंतर्गत प्रभावशाली कार्य किए जा रहे हैं। जिले में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनभागीदारी और विभागीय समन्वय के साथ यह अभियान तेजी से मूर्त रूप ले रहा है।

इस अभियान के अंतर्गत अब तक 5 हजार से अधिक सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इन गड्ढों का निर्माण स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किया गया है। इसके साथ ही अब तक 125 इंजेक्शन वेल के माध्यम से भूमिगत जल का पुनर्भरण किया गया है, जिससे जल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।जनपद पंचायतवार सोखता गड्ढों की संख्या इस प्रकार है

:महासमुंद – 269बागबाहरा – 352पिथौरा – 451बसना – 282सरायपाली – 485इसी तरह बोरवेल रिचार्ज के अंतर्गत इंजेक्शन वेल की संख्या:महासमुंद – 13बागबाहरा – 07पिथौरा – 03बसना – 12सरायपाली – 13अन्य जल संरक्षण कार्यों की संख्या 785 है, जिसमें भी सभी जनपद पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने भी अभियान में सहयोग करते हुए सोखता गड्ढे एवं इंजेक्शन वेल का निर्माण करवाया है।

यह सभी कार्य न केवल जल संरक्षण के तकनीकी उपाय हैं, बल्कि जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

“मोर गांव मा पानी” अभियान महासमुंद जिले में जल संरक्षण की दिशा में एक स्थायी और प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है, जिससे आने वाले समय में जिले के जल संसाधनों को समृद्ध बनाने में उल्लेखनीय योगदान मिलेगा।


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