विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने आज अटल नगर स्थित शिवनाथ भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु आपसी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक का संचालन करते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने निर्देश दिए कि एमआईएस से संबंधित सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान 19 अगस्त 2025 से पूर्व कर लिया जाए।
साथ ही तकनीकी स्वीकृति से संबंधित वित्तीय अधिकारों के युक्तियुक्तिकरण हेतु प्रस्ताव 06 अगस्त तक शासन को अनिवार्य रूप से भेजा जाए।
सचिव टोप्पो ने निविदा प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि 108 प्रकरणों में दोषी पाए गए निविदाकारों पर एक सप्ताह के भीतर कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आगामी निविदाओं में दोषियों की भागीदारी रोकने हेतु निविदा शर्तों में संशोधन का प्रस्ताव भी शासन को एक सप्ताह के भीतर भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में बोधघाट वृहद परियोजना, इन्द्रावती-महानदी इंटरलिंकिंग, शेखरपुर एवं डांडपानी जलाशय निर्माण से जुड़े प्रगति कार्यों की समीक्षा करते हुए इनकी निविदा स्वीकृति 100 दिवस की समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही जलाशयों से किसानों को जल प्रदाय सुनिश्चित करने, जल-कर में वृद्धि हेतु प्रस्ताव तैयार करने और स्मार्ट मीटरिंग को पी.पी.पी. मॉडल के माध्यम से लागू करने हेतु शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी सचिव द्वारा दिए गए।
उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन और विशेष केंद्रीय सहायता प्राप्त करने हेतु प्रस्तावों को एक सप्ताह में पूर्ण कर प्रस्तुत करने का आश्वासन भी दिया।
बैठक में प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके सहित विभाग के वरिष्ठ अभियंता प्रसून शर्मा, डी.के. बुम्मेरकर, जे.आर. भगत, आर.आर. सारथी, एस.के. टीकम, शंकर ठाकुर, के. एस. भंडारी और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।